मानव हैं मिलk रह नहीं सकते
शब्द किसी के सह नही सकते
हमको मानव कहता क्यों है?
प्रभु मानवता देता क्यों है?
ईद हो होली गले भी मिलते
जित देखो सब भले ही मिलते
यूँ लहू धरा पर बहता क्यों है ?
प्रभु मानवता देता क्यों है ?
माँ कहती सब तू ही करता
पेट सभी के तू ही भरता
भूख किसी की सहता क्यों है ?
प्रभु मानवता देता क्यों है ?
नेता हैं सब भ्रष्टाचारी
शिक्षक भी सब हुए कुचारी
इनको गुरुता देता क्यों है ?
हमको मानव कहता क्यों है?
शब्द किसी के सह नही सकते
हमको मानव कहता क्यों है?
प्रभु मानवता देता क्यों है?
ईद हो होली गले भी मिलते
जित देखो सब भले ही मिलते
यूँ लहू धरा पर बहता क्यों है ?
प्रभु मानवता देता क्यों है ?
माँ कहती सब तू ही करता
पेट सभी के तू ही भरता
भूख किसी की सहता क्यों है ?
प्रभु मानवता देता क्यों है ?
नेता हैं सब भ्रष्टाचारी
शिक्षक भी सब हुए कुचारी
इनको गुरुता देता क्यों है ?
हमको मानव कहता क्यों है?
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