Thursday, February 28, 2013

Zara sochiye

शादी से पहले हर लड़के को शौक होता है कि उसकी कमसे कम एक सुन्दर सी गर्लफ्रैंड हो..आजकल आसानी ले मिल भी जाती हैं क्यों कि लड़कियां भी कुछ ऐसा ही सोचती है! अब बारी आती है अपनी गर्ल फ्रैंड को खुश करने और अपना इम्प्रेशन डालने की..तो चाहे लड़का खुद कुछ भी न कमाता हो, अपने पिता जी से पॉकेट मनी मांग कर भी मौके निकाल निकाल कर उसे गिफ्ट देना नहीं भूलता. जहाँ तक हो सके कुछ ऐसा गिफ्ट देना चाहता है कि उसकी महबूबा उसे याद रक्खे. अक्सर लड़के माल में जाकर विदेशी ब्रांड की महगी महगी चड्डी औरचोली जो हजारों रुपये की मिलती हैं खरीद कर देते हैं.. लेकिन जब शादी हो जाती है तो वही महबूबा बोझ लगने लगती है..अब उसे अन्दर के तो छोडो तन ढकने के कपडे भी मिल जाएँ तो गनीमत है... वह भी उसे मागने पड़ते हैं. कभी सोचा है ऐसा क्यों? शायद इस लिए कि जब तक हमेंकोई चीज मिल नहीं जाती उसे पाने के लिए हम एडी छोटी का जोर लगा देते हैं और जब मिल जाती है तो उसकी क़द्र नहींकरते..यह अलग बात है कि दूसरे लोग या पडोसी उसी की कदर करना चाहते हैं..ऐसा नहीं है कि यह गलती सिर्फ पुरुष करते हैं.. महिलाएं भी शादी से पहले पार्कों में झाड़ के नीचे भी सुहागरात मानाने को राजी रहती हैं लेकिन शादी के बाद जब घर गृहस्थी का बोझ पड़ जाता है और खास कर जब बच्चे हो जाते हैं तो पति की कोई अहमियत नहीं रहती और वह सिर्फ कोल्हू का बैल नजर आता है जो पत्नी से पहले जैसे प्यार की उम्मीद भी नहीं कर सकता. यहीकारण होता है कि पति भी बाहर अगर थोड़ी सी भी छमक छल्लो देखे तो रीझ जाता है और फिर दोनों के बीच रिश्ते में दरार पड़ जाती है जो हमेशा बढती रहती है. माना कि यह बात सब पर लागू नहीं होती और जिस पर होती भी है वह यह जताना नहीं चाहते लेकिन जिन पर लागू होती है उन्हें सोचना चाहिए कि क्या पहले जैसा प्यार हमेशा नहीं बनाकर रखना चाहिए?

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