Tuesday, February 26, 2013

बड़े अधिकारी शाहब

एक बार एक बड़े अधिकारी शाहब थे, बहुत ही ठरके वाले थे, खूब पैसा बनाते और उड़ाते थे !
उनके पिताजी बहुत बुजुर्ग थे, जिनके साथ वो शाहब बहुत बुरा बर्ताव करते थे, एक कोठरी में रखते थे, बचा-खुचा खिलाते थे, ओढने को फटी कम्बल देते थे !
उस घर में बुजुर्ग पिता से ज्यादा इज्जत नौकर और ड्राइवरों की हुआ करती थी !
इन्हीं परेशानियों और दुःख में वो बुजुर्ग इस दुनिया को छोड़ एक अच्छी दुनिया में चल बसे !
शाहब ने आदेश फ़रमाया "बुड्ढे का सामान फेंकके कोठरी की सफाई कर दो" !
नौकर सफाई करके सामान रद्दी वाले को देने लगे...
इतने में शाहब का बेटा, जो कोई चार-पांच साल का था आया और अपने दादा जी की फटी कम्बल को ले जाने लगा तो नौकरों ने मना किया !
पर उस बच्चे ने फटी कम्बल को सम्हाल के अपनी खिलोनों वाली अलमारी में रख दिया !
शाहब को बेरा पड़ा तो गुस्सा करते हुए आये और बच्चे से पूछा की तुमने इसे सम्हालके क्यूँ रखा है ??

बच्चे ने मासूमियत से जवाब दिया "पिताजी, जब आप बूढ़े हो जाओगे तब आपके काम आएगी"...


जैसा व्यव्हार हम अपने बुजुर्गों के साथ करते हैं वैसा ही व्यव्हार हमारे बच्चे हमारे साथ करने वाले हैं !

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