दुनिया के किसी भी क्राँतिकारी की जुबाँ पर ऐसी भाषा नही मिलेगी जो आजाद की जुबाँ पर थी ।
एक बार आजाद से उनके गाँब के एक आदमी ने कहा कि तुम इतनी लूट करते हो और पूरा खजाना तुम्हारे पास रहता है तो क्या तुम उसमेँ से थोडा अपने बूढे माँ बाप को नहीँ दे सकते ?
तो आजाद ने दो उत्तर दिये थे जो दिल को छू जाते है
1-माँ बाप सिर्फ मेरे नही है और भी क्राँतिकारियोँ के है ।
और दूसरा
2-अगर तुम मेरे माँ बाप की सेवा न कर सको तो बता देना ।मेरी पिस्तौल की दो गोलियाँ निकल कर उनकी भी सेवा कर देगी ।
शत शत नमन है ऐसे क्राँतिकारी को, और हम भारतीय गर्वित हैं की आप जैसा लाल हमारे देश की धरती पर अवतरित हुआ|
एक बार आजाद से उनके गाँब के एक आदमी ने कहा कि तुम इतनी लूट करते हो और पूरा खजाना तुम्हारे पास रहता है तो क्या तुम उसमेँ से थोडा अपने बूढे माँ बाप को नहीँ दे सकते ?
तो आजाद ने दो उत्तर दिये थे जो दिल को छू जाते है
1-माँ बाप सिर्फ मेरे नही है और भी क्राँतिकारियोँ के है ।
और दूसरा
2-अगर तुम मेरे माँ बाप की सेवा न कर सको तो बता देना ।मेरी पिस्तौल की दो गोलियाँ निकल कर उनकी भी सेवा कर देगी ।
शत शत नमन है ऐसे क्राँतिकारी को, और हम भारतीय गर्वित हैं की आप जैसा लाल हमारे देश की धरती पर अवतरित हुआ|
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