Wednesday, February 13, 2013

आज़ादी

एक तरफ तो युवा'14 फरवरी'को हाथ में 2-4रूपये का फूल 50 रूपये में खरीद कर लड़की को देने को सही ठहराता है और इसे आजादी कहता है और दूसरी तरफ जब उसी आज़ादी की बात उसकी सगी बहन करे तो लड़की और उसके साथी को पीटने पर उतारू हो जाता है, क्यों ??
जो काम तुम किसी की बहन के साथ करना चाहते हो, वो अगर तुम्हारी बहन करे तो आज़ादी को कैसा खतरा??
क्या सब अधिकार लड़कोके हैं या सच जानते हुए भी अनजान बनने की नाटक करते हो ?
क्या यही है हमारी पढ़ाई और हमारा मॉडर्न और Dude होना?
अगर दूसरों की बहनें हमारे लिए खेलने की चीज, टाइम पास, आइटम हैं तो अपनी क्या हैं ?
सोचो.........सो ­ -­ चो..........सोच ­ -­ो ..........सोचो ..........सोचो. ­ -­........सोचो. . -. ­ ...!!!
मैं बस इतना ही कहूँगी अपनी संस्कृति में रहते हुए दूसरे की संस्कृति का सम्मान करो....!! ना की अपनानी है!!
जय हिन्द,

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