नई दिल्ली: इंडियन नेशनल आर्मी के संस्थापक नेता सुभाष चंद्र बोस की मौत पर 68 साल बाद भी सस्पेंस बरकरार है। समय गुजरने के साथ ही भारत में ज्यादातर लोग ये मानते है कि नेता जी की मौत ताईपे में विमान हादसे में हुई। इसके अलावा एक वर्ग ऐसा भी है जो विमान हादसे की बात को स्वीकार नहीं करता है। ताईपे सरकार ने भी कहा था 1944 में उसके देश में कोई विमान हादसा नहीं हुआ था।
ज़ी न्यूज से साथ एक खास साक्षात्कार में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बेटी अनीता बोस ने शनिवार को कहा कि उन्हें भी इस बात पर पूरा यकीन है कि उनके पिता की मौत दुर्भाग्यपूर्ण विमान हादसे में हो गई। उन्होंने कहा, "नेताजी की मौत का सबसे बड़ा कारण विमान हादसा ही है। कमोबेश उनकी मौत विमान हादसे की वजह से मानी जाती है इससे इतर जो बातें हैं महज अटकलबाजी हो सकती हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि नेताजी की मौत विमान हादसे में हुई।"
जब अनीता से पूछा गया कि नेताजी की मौत की खबर का उनकी मां पर क्या असर हुआ। उन्होंने कहा, मेरी मां उनकी मौत की खबर सुनकर टूट गईं। लेकिन समय गुजरने के साथ उन्होंने नेताजी की मौत मान लीं।
अनिता ने आगे कहा, अगर नेताजी विमान हादसे के बाद कहीं छिपे होते तो उन्होंने अपने परिवार से संपर्क करने की कोशिश की होती और नहीं तो जब देश आजाद हुआ तो वे भारत लौटे होते। साथ ही अनीता बोस ने कहा कि मेरे पिता की अस्थियों को जापान से भारत लाकर गंगा में प्रवाहित किया जाए।
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