Friday, February 1, 2013

नाबालिग

भारत में एक लड़की का बलात्कार करके उसकी आंतें निकालने वाले मुख्य अपराधी को फांसी की सज़ा इसलिए नहीं दी जा सकती क्योंकि हमारे क़ानून में बलात्कार के लिए फांसी की सजा नहीं, उसे उम्र कैद की सजा इसलिए नहीं दी जा सकती क्योंकि वह एक नाबालिग है ... लेकिन अगर उसी नाबालिग ने किसी नेता का खून किया होता तो शायद उसका एन्काउन्टर करवा दिया जाता यह कहकर कि वह एक आतंकवादी है ....... क्या हमारे देश में आम आदमी की ज़िन्दगी के कोई मायने नहीं या फिर एक लड़की का बलात्कार करके उसकी आतें निकाल लेना मर्डर नहीं ? क्या हमारा कानून इस बात का इंतजार कर रहा है कि अब हर रोज़ ऐसे ही घिनौने अपराध हों और फिर वो उसके लिए कोई कानून बनाये ... अरे नहीं नहीं कानून बनाये नहीं ... उस बारे में विचार करे ... और शायद विचार करके उसी वहीँ दफ़न करदे यह कहकर कि एक-दो अपराधों के लिए नए कानून नहीं बनाये जाते .... इस सबसे तो यही लगता कि अब कमल हसन के साथ-साथ देश की स्त्री-जाति को भी न्याय के लिए अपनी मात्रभूमि छोड़ने के बारे में विचार करना चाहिए !!!!

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