Monday, March 11, 2013

धर्मनिरपेक्षता का'मोदी मंत्र', इंडिया फर्स्‍ट dekhte hain modi apni kahi hui baat par kayam rehta hai ya sala apni baat badlta hai yeh to waqt hi batayega

धर्मनिरपेक्षता का'मोदी मंत्र', इंडिया फर्स्‍ट

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार सुबह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अमेरिका और कनाडा में बैठे प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया., मोदी ने कहा कि मेरे अनुसार धर्मनिरपेक्षता की परिभाषा'इंडिया फर्स्‍ट'है.

नरेंद्र मोदी ने कहा कि हर निर्णय में भारत ही सर्वोपरि होना चाहिए. उन्‍होंने कहा कि हम कोई भी काम करें, वह भारत के लिए होना चाहिए. इससे सारा सेक्यूलरिज्‍म अपने- आप हममें आ जाएगा.

मोदी ने कहा, ‘धर्मनिरपेक्षता की मेरी परिभाषा काफी साधारण है, ‘पहले भारत’. आप जो भी करें, जहां कहीं भी काम करें, इसके सभी नागरिकों के लिए भारत ही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए.’

गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘देश सभी धर्मों और विचारधाराओं से ऊपर है.’ उन्होंने कहा कि लोगों को इसी सिद्धांत का पालन करना चाहिए.

मोदी ने कहा, ‘मैं इससे सहमत हूं कि एक भारतीय के तौर पर, भारत से प्रेम करने वाले एक नागरिक के तौर पर, आप भी मेरी इस परिभाषा से सहमत होंगे. हम कोई भी काम करें या कोई भी फैसला करें, सबसे ऊपर भारत ही होना चाहिए.’

बीजेपी नेता ने कहा, ‘भारत के हित से कम कुछ भी हमारा लक्ष्य नहीं होना चाहिए और यदि ऐसा होता है तो धर्मनिरपेक्षता अपने आप हमारी रगों में दौड़ेगी.’ मानवाधिकार हनन के मुद्दे पर मोदी को अमेरिकी वीजा से इनकार कर दिया गया था.

पिछले हफ्ते व्हार्टन इंडिया इकनॉमिक फोरम में मुख्य वक्ता के तौर पर दिया जाने वाला नरेंद्र मोदी का भाषण रद्द कर दिया गया था. यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिलवेनिया के प्रोफेसरों और छात्रों के एक तबके की ओर से मोदी का विरोध किए जाने की वजह से भाषण को रद्द करना पड़ा था.

हालांकि, अपने संबोधन में मोदी ने व्हार्टन मुद्दे पर भी कुछ नहीं बोला. व्हार्टन विवाद से काफी पहले ‘ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ बीजेपी’ की ओर से इस कार्यक्रम की योजना बनायी गयी थी.

न्यू जर्सी के एडिसन और शिकागो में मोदी के भाषण को सुनने के लिए सैकड़ों लोग इकट्ठा हुए थे. अपने संबोधन में मोदी ने युवाओं के कौशलपूर्ण विकास पर जोर दिया क्योंकि भारत की कुल आबादी में युवा जनसंख्या 65 फीसदी है. उन्होंने भारतीय समुदाय से कहा कि वह भारत के समुचित विकास में मदद करे.

मोदी ने गांधीनगर से अपना संदेश एडिसन, न्यूजर्सी, शिकागो, इलिनॉयस में बैठे एनआरआई लोगों को देते हुए कहा कि हमने विकास को राजनीति से अलग रखा है. उन्होंने कहा कि महाकुंभ जैसा शानदार आयोजन भारत में होता है. यूरोप के कई देशों की आबादी कुंभ में गंगा किनारे जुटे लोगों जितनी है. महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि भारत में हर देवी-देवताओं से कोई ना कोई संदेश मिलता है. भगवान शिव से हमें जहर पीने की और जहर पचाने की प्रेरणा मिलती है. इससे हमें बुराइयां और कटुता को पचाकर अपने मन-मंदिर में अमृतरस को बसाना चाहिए.

मोदी ने कहा कि इस 21वीं सदी में पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है. मंदी के वक्त गुजरात के विकास ने आशा का संचार किया. पूरा विश्व गुजरात के विकास को देख रहा है. भारत सरकार का स्किल डेवलपमेंट बजट 1000 करोड़ रुपये है, जबकि हमारे जैसे छोटे राज्य का 800 करोड़ रुपये है. इससे हमारी प्रतिबद्धता का पता चलता है.

उन्होंने कहा कि अब गुजरात के लोग समझ गए हैं कि सभी समस्याओं का हल विकास है. हमारे पास अथाह युवा शक्ति है, उसका इस्तेमाल कर विकास करना चाहिए. मोदी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद से प्रेरणा लेकर युवाओं को आज देश को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने का संकल्प लेना चाहिए...

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