Sunday, March 10, 2013

पॉवर का दुरुपयोग नुकसानदेह होता है….."

एक चौकीदार था जिसकी ड्यूटी एक रेलवेके
फाटक पर लगी हुई थी...सालों से वो एक फाटक
पर कार्यरत था...एक ही क्रम था- ट्रेन आने पर
फाटक खोलना और ट्रेन के चले जाने पर फाटक
खोल देना.....उसकी पत्नी अक्सर खाना लेकर
वहां आती थे और उसके काम से अच्छी तरह
परिचित
थी.....उसकी पत्नी को ऐसा लगता था कि ये
काम बहुत ही बोरिंग है और उसका पति बहुत
ही बेकार आदमी है.....एक दिन आखिर अपने
पति से उसने पूछ ही लिया.....
"मै देखती हूँ सबके पास कुछ ना कुछ पॉवर
होती है लेकिन तुम्हारे पास तो कोई पॉवर
ही नही है !"
उसके पति को लगा जैसे उसने सीधे अहम् पर चोट
मारी हो...उसने गुस्से से बोला...
... "मै चाहूं तो किसी को भी कितनी देर तक रोक
कर रख सकता हूँ…"
पत्नी बोली: ठीक है, फिर मुझे भी दिखाओ
अपनी पॉवर !
.
.
उसी समय एक ट्रेन आनी थी, उसने फाटक
लगा दिया...
तभी एक नेता का काफिला वहाँ आ कर रुकाऔर
फाटक खुलने का इंतज़ार करने लगा...
लेकिन ट्रेन चले जाने के काफी देर बाद भी जब
फाटक नही खुला तो नेता जी ने साथ आ रहे
पुलिस वाले को भेजा, ये बोलकर कि जाओ
देखो क्या मामला है...
.
.
पुलिस वाला जा कर उससे पूछा: फाटक
क्यों नही खोलते ?
चौकीदार: मेरी मर्ज़ी, नही खोलता अभी....ये
मेरी पॉवर में है !
पुलिस वाले ने तुरंत उसे गलियाँ देकरदो चार
तमाचे जड़े और फाटक खुलवाया...
ये देखकर उसकी पत्नी चौकीदार से बोली:
तुम तो कहते थे ये तुम्हारी पॉवर है, और पुलिस
वाला तुम्हे गाली देकर और पीटकर निकलगया !
चौकीदार बोला.....
.
.
.
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"जैसे फाटक बंद रखना मेरी पॉवर में
है....गाली देना और पीटना उसकी पॉवर में है..."
"सीख: पॉवर का दुरुपयोग नुकसानदेह
होता है….."

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