Wednesday, March 6, 2013

ज़रा सोचिए ............??? ­ ????????

ज़रा सोचिए ............??? ­ ????????
यह उनके लिए है जो खाना प्लेट मैं जूठा छोड़ देते है :-
कल रात एक दोस्‍त के घर गया। दोस्त कीयूएसए वासी बहन अपने 12 और 14 साल केदो बच्चों के साथ अपने पुस्तैनी गांवहोकर आयी थी। हम सभी गांव और शहर की चर्चा कर रहे थे। तभी 14 साल की बच्ची बोली गांव बहुत बोरिंग है, वहांकोई नाइट लाइफ ही नहीं है, सारे बच्चेजल्दी सो जाते हैं। उसकी इस बात से मुझे बचपन की एक घटना याद आ गयी। अपनेमोहल्ले के बच्चों के साथ रात को छुपन-छुपाई खेलते तो अक्सर हमारे साथका एक लडका जल्दी चला जाया करता था। एक दिन उससे पूछा कि तुम जल्दी क्यों चले जाते हो? उसका वो जबाव आज भी कानों में गूंजता है,”देर तक जगा तो भूख लग जाएगी” मैं उस दिन मैं उसकी बात समझ नहीं पाया। एक दिन उसके घर जाकर देखा तो उसकी मां एक रोटी के टुकडा उसको देकर बोली कि आज इतनी है, खाकर सोजा। तब उस हकीकत का पता चला कि“खज्जू” रोज जल्दी क्यों सो जाता था।मैं उस बच्ची को तो कुछ नहीं बोल पायालेकिन तरह-तरह के व्यंजनों में भी वो रस नहीं आया जो शायद “खज्जू” को उस रोटी के टुकडे में आता था। आज भी देश में 24 करोड से ज्याद बच्चे इसीलिए जल्दी सो जाते हैं कि रात को देर तक जागे तो भूख लग जाएगी।
“वो सो जाते हैं भूख से बिलख कर, रोते भी नहीं”
“शायद जानते हैं, अंजाम, रोने का भी भूख ही होगा”
उठो जागे आगे बढो जरुरतमन्दो की मदद करो

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