नीच नीच नीच काम और नीच लोग.... नेशनल कमिशन फोर विमेन-इन्डिया की भी सहमती.......
बलात्कार का विरोध करना स्वाभाविक है या कोई बहादुरी का काम ??????
८ मार्च वुमन्स डे के दिन अमेरिका की मिशेल ओबामा द्वारा दिल्ली गेंगरेप पिडित दामिनी (ज्योति पांडे) को मरणोपरांत बहादुरी का एवोर्ड दिया जायेगा.... ये हमारी उपल्ब्धि है या हमारा अपमान ????
एवोर्ड किसे मिलना चाहिये ??? जो समाज मे बहादुरी का उदाहरण स्थापित करे और जो देख के दूसरो को भी एसा करने की प्रेरणा मिले उसे इनाम से नवाजा जाना चाहिये..... दिल्ली की घटना मे जो कुछ भी हुआ वो दामिनी की बहादुरी नही पर लाचारी थी उसे देश की शर्म मान के आगे से किसी के भी साथ एसा ना हो वो कदम उठाने चाहिये ना की कीसी की लाचारी और जिजिविषा को बहादुरी मे बदल कर इन्टरनेशनल लेवल पर एवोर्ड लेने जाना चाहिये......
और अगर भारत की ममता शर्मा (नेशनल कमिशन फोर विमेन-इन्डिया) जिन्होने इस एवोर्ड के लिये शुक्रिया अदा करती है तो पहेले उसे ये बताना पडेगा की उसने दमिनी को न्याय दिलाने के लिये क्या किया ??? दामिनी केस के बाद भी दिल्ली मे और देश के अन्य शहरो मे भी गेंगरेप की घटनाए हुइ तो उसे रोकने के लिये या दोषीओ को सजा दिलाने के लिये क्या किया ??? अगर इन सब का जबाव वो सही सही दे पाती है तो ही ये तथाकथित इनाम ???? हमारे देश को स्वीकार करना चाहिये.....
अमेरिका भारत के गौरव और उसकी अस्मिता को खत्म करने पे तुला है ताकि उसकी कंपनिओ का माल यहां खूब बिकता रहे... पर हमे तो शर्म आनी चाहिये ना ???
कल को किसी लडकी की आबरु बचाने के लिये एवोर्ड मिलने लगेंगे, कीसी बुढे की मदद करने के लिये एवोर्ड मिलने लगेंगे.... तो क्या हमे लेने चाहिये ???? हमारा फर्ज है हमे पूरा करना है उसमे एवोर्ड कहां से बिच मे आया ?????
ये नालायक और निक्कमी सरकार अगर दामिनी को सही एवोर्ड देना ही चाहती है तो बलात्कार के खिलाफ सख्त कानून बनाये और एसे केस मे जुवेनाईल एक्ट ही रद कीया जना चाहिये ताकी कोई नाबालिग रेप करने की हिंमत ना करे और करे तो उसे भी कडी से कडी सजा मिले....
कितने नीच और हलके लोग है हमारे यहां की एक लडकी का बलात्कार होता है, उसे कोई मदद नही मिलती, सियासी फायदे के लिये उसकी ट्रिटमेन्ट होती है और सियासी फायदे के लिये ही उसे विदेश मरने भेजा जाता है, अंतिम संस्कार भी चोरो की तरह छूप छूप के किया जाता है... और इसी नालायकी और कमीनेपन के लिये कीसी लाचार की आबरू तितरबितर करके अब एवोर्ड लेने जायेंगे.....
शर्म आनी चाहिये... खुद की आबरू तो रही नही कम से कम देश की आबरू और देश के नागरिको की आबरू को निलाम मत करो....
बलात्कार का विरोध करना स्वाभाविक है या कोई बहादुरी का काम ??????
८ मार्च वुमन्स डे के दिन अमेरिका की मिशेल ओबामा द्वारा दिल्ली गेंगरेप पिडित दामिनी (ज्योति पांडे) को मरणोपरांत बहादुरी का एवोर्ड दिया जायेगा.... ये हमारी उपल्ब्धि है या हमारा अपमान ????
एवोर्ड किसे मिलना चाहिये ??? जो समाज मे बहादुरी का उदाहरण स्थापित करे और जो देख के दूसरो को भी एसा करने की प्रेरणा मिले उसे इनाम से नवाजा जाना चाहिये..... दिल्ली की घटना मे जो कुछ भी हुआ वो दामिनी की बहादुरी नही पर लाचारी थी उसे देश की शर्म मान के आगे से किसी के भी साथ एसा ना हो वो कदम उठाने चाहिये ना की कीसी की लाचारी और जिजिविषा को बहादुरी मे बदल कर इन्टरनेशनल लेवल पर एवोर्ड लेने जाना चाहिये......
और अगर भारत की ममता शर्मा (नेशनल कमिशन फोर विमेन-इन्डिया) जिन्होने इस एवोर्ड के लिये शुक्रिया अदा करती है तो पहेले उसे ये बताना पडेगा की उसने दमिनी को न्याय दिलाने के लिये क्या किया ??? दामिनी केस के बाद भी दिल्ली मे और देश के अन्य शहरो मे भी गेंगरेप की घटनाए हुइ तो उसे रोकने के लिये या दोषीओ को सजा दिलाने के लिये क्या किया ??? अगर इन सब का जबाव वो सही सही दे पाती है तो ही ये तथाकथित इनाम ???? हमारे देश को स्वीकार करना चाहिये.....
अमेरिका भारत के गौरव और उसकी अस्मिता को खत्म करने पे तुला है ताकि उसकी कंपनिओ का माल यहां खूब बिकता रहे... पर हमे तो शर्म आनी चाहिये ना ???
कल को किसी लडकी की आबरु बचाने के लिये एवोर्ड मिलने लगेंगे, कीसी बुढे की मदद करने के लिये एवोर्ड मिलने लगेंगे.... तो क्या हमे लेने चाहिये ???? हमारा फर्ज है हमे पूरा करना है उसमे एवोर्ड कहां से बिच मे आया ?????
ये नालायक और निक्कमी सरकार अगर दामिनी को सही एवोर्ड देना ही चाहती है तो बलात्कार के खिलाफ सख्त कानून बनाये और एसे केस मे जुवेनाईल एक्ट ही रद कीया जना चाहिये ताकी कोई नाबालिग रेप करने की हिंमत ना करे और करे तो उसे भी कडी से कडी सजा मिले....
कितने नीच और हलके लोग है हमारे यहां की एक लडकी का बलात्कार होता है, उसे कोई मदद नही मिलती, सियासी फायदे के लिये उसकी ट्रिटमेन्ट होती है और सियासी फायदे के लिये ही उसे विदेश मरने भेजा जाता है, अंतिम संस्कार भी चोरो की तरह छूप छूप के किया जाता है... और इसी नालायकी और कमीनेपन के लिये कीसी लाचार की आबरू तितरबितर करके अब एवोर्ड लेने जायेंगे.....
शर्म आनी चाहिये... खुद की आबरू तो रही नही कम से कम देश की आबरू और देश के नागरिको की आबरू को निलाम मत करो....
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