Tuesday, April 16, 2013

IPL

एक बार पढ़ें जरूर... इस पर एक प्रतिक्रिया अवश्य चाहूँगा...

सूना है IPL के छक्के चौको में छोरियों के
दुपट्टे भी उड़ जाते है
शर्म क्लीन बोल्ड हो जाती है
काला धन boundary पार
विदेशी माल catch होता है देसी extra
बन रोता है
देश की समस्याए रन out तो
भ्रष्टाचार wide होता जाता है
गरीब के सपने नो बॉल
अमीर को free hit मिलता है
माना के पत्थर दिल झाम्पिक झपाक है और
पिच गिली-गिली है
पर महारष्ट्र का सूखा नेताओं का well
played शॉट बन जाता है
ये IPL है
चोट कोई भी हो खिलाड़ी सुपर-man बन
जाता है ।

हम आई पी एल का विरोध करते हैं

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