Sunday, April 21, 2013

एक कुत्ता था

एक कुत्ता था , अपने मालिक के प्रति काफी वफादार था , उस कुत्ते
को उसका मालिक काफी चाहता था । समय के साथ उस कुत्ते का कुत्तत्व बढता गया,

किन्तु उसे अपने कर्तव्य का बोध बना रहा , उसकी वफादारी बनी रही ,

आस पास के दूसरे कुत्ते जो अपने कैरियर से
संतुष्ट नहीं थे हमेशा उसी कुत्ते जैसा बनना चाहते थे ,

इस प्रकार वह कुत्ता अपने समाज में एक आदर्श कुत्ते के रूप में जाना जाने लगा .

समय के साथ उस कुत्ते
का अंतसमय आया तो भगवान प्रकट हुए ...

और कहा कि ... कुत्तेतुम्हारे कुत्तत्व पर हम
प्रसन्न हैं अतएव आप हमसे कोई बरदान
मांगिये .

कुत्ता .... अगले जनम मोहे
कुत्ता ही कीजो !

भगवान ... एक टेक्नीकल
प्रॉब्लम है , हम लगातार दो जन्म एक ही योनि नहीं दे सकते इसलिए कोई
दूसरा बरदान मांगो !

कुत्ता .... मुझे अगले जनम नेता बना दो

भगवान ... तुम फिर मुझे
धर्म संकट में डाल रहे हो , लगातार दो जन्म एक योनि नहीं दी जा सकती ।

No comments:

Post a Comment