ट्रायल रूम में लगे गोपनीय कैमरों का पता कैसे लगायें ?
सबसे पहले जब आप ट्रायल रूम के सामने पहुचे तो इस अपने मोबाइल फ़ोन से एक कॉल कर इस बात का इत्मीनान कर लीजिये की आपके फ़ोन से कॉल हो रही है....
इसके बाद आप ट्रायल रूम में जाइये, अंदर जाते ही apni ड्रेस के ट्रायल से पहले फिर से एक कॉल करिए..... यदि कॉल नहीं जा रही है......... !!!!!
इसका मतलब ट्रायल रूम में गोपनीय कैमरा है
ऐसा फाइबर ऑप्टिकल केबल के द्वारा मोबाइल के सिंग्नल ट्रान्सफर को बाधित करने के वजह से होता है....
कृपया इसे अपने वाल पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करे और अपने महिला मित्रों, बहनों, को इस गोपनीय कैमरे से सावधान करे.....
एक जरुरी जानकारी---- सूत्रों के अनुसार बिग बाज़ार, शोप्पेर्स स्टॉप में पिन होल कैमरे पाए गए है....!!!!
कुछ दिनों पहले प्रसारित एक सन्देश के अनुसार----
बिग बाज़ार और शोपेर्स स्टॉप में के ट्रायल रूम में पिन होल कैमरे लगे जिनके द्वारा यंग गर्ल्स के MMS बनाये जा रहे है....
कृपया शर्माए नहीं इस ज्यादा से ज्यादा शेयर करें.......
# Mahendra Goyal
Tuesday, April 30, 2013
दीवार में एकछिपकली
एक जापानी अपने मकान की मरम्मत के
लिए उसकी दीवार को खोल रहा था।
ज्यादातर जापानी घरों में लकड़ी की दीवारो के बीच जगह
होती है। जब वह लकड़ी की इस दीवार को उधेड़ रहा तो उसने
देखा कि वहां दीवार में एकछिपकली फंसी हुई थी।
छिपकली के एक पैर में कील ठुकी हुई थी।
उसने यह देखा और उसे छिपकली पर रहम
आया। उसने इस मामले में उत्सुकता दिखाई
और गौर से उस छिपकली के पैर में ठुकी कील को देखा।
अरे यह क्या! यह तो वही कील है जो 4 साल पहले मकान
बनाते वक्त ठोकी गई थी। यह क्या !!!!
क्या यह छिपकली पिछले 4 सालों से
इसी हालत से दो चार है?
दीवार के अंधेरे हिस्से में बिना हिले-डुले
पिछले 4 सालों से!! यह नामुमकिन है।
मेरा दिमाग इसको गवारा नहीं कर
रहा। उसे हैरत हुई। यह छिपकली पिछले 4
सालों से आखिर जिंदा कैसे है!!! बिना एक
कदम हिले-डुले जबकि इसके पैर में कील ठुकी है!
उसने अपना काम रोक दिया और उस
छिपकली को गौर से देखने लगा। आखिर
यह अब तक कैसे रह पाई औरक्या और किस
तरह की खुराक इसे अब तक मिल पाई।
इस बीच एक दूसरी छिपकली ना जाने
कहां से वहां आई जिसके मुंह में खुराक थी।
अरे!!!! यह देखकर वह अंदर तक हिल गया।
यह दूसरी छिपकली पिछले 4
सालों से इस फंसी हुई छिपकली को खिलाती रही।
जरा गौर कीजिए वह दूसरी छिपकली बिना थके और अपने
साथी की उम्मीद छोड़े बिना लगातार 4 साल से उसे खिलाती रही।
आप अपने गिरेबां में झांकिए क्या आप अपने
जीवनसाथी के लिए ऐसी कोशिश कर सकते हैं?
लिए उसकी दीवार को खोल रहा था।
ज्यादातर जापानी घरों में लकड़ी की दीवारो के बीच जगह
होती है। जब वह लकड़ी की इस दीवार को उधेड़ रहा तो उसने
देखा कि वहां दीवार में एकछिपकली फंसी हुई थी।
छिपकली के एक पैर में कील ठुकी हुई थी।
उसने यह देखा और उसे छिपकली पर रहम
आया। उसने इस मामले में उत्सुकता दिखाई
और गौर से उस छिपकली के पैर में ठुकी कील को देखा।
अरे यह क्या! यह तो वही कील है जो 4 साल पहले मकान
बनाते वक्त ठोकी गई थी। यह क्या !!!!
क्या यह छिपकली पिछले 4 सालों से
इसी हालत से दो चार है?
दीवार के अंधेरे हिस्से में बिना हिले-डुले
पिछले 4 सालों से!! यह नामुमकिन है।
मेरा दिमाग इसको गवारा नहीं कर
रहा। उसे हैरत हुई। यह छिपकली पिछले 4
सालों से आखिर जिंदा कैसे है!!! बिना एक
कदम हिले-डुले जबकि इसके पैर में कील ठुकी है!
उसने अपना काम रोक दिया और उस
छिपकली को गौर से देखने लगा। आखिर
यह अब तक कैसे रह पाई औरक्या और किस
तरह की खुराक इसे अब तक मिल पाई।
इस बीच एक दूसरी छिपकली ना जाने
कहां से वहां आई जिसके मुंह में खुराक थी।
अरे!!!! यह देखकर वह अंदर तक हिल गया।
यह दूसरी छिपकली पिछले 4
सालों से इस फंसी हुई छिपकली को खिलाती रही।
जरा गौर कीजिए वह दूसरी छिपकली बिना थके और अपने
साथी की उम्मीद छोड़े बिना लगातार 4 साल से उसे खिलाती रही।
आप अपने गिरेबां में झांकिए क्या आप अपने
जीवनसाथी के लिए ऐसी कोशिश कर सकते हैं?
1 bar pura post zarur padhiye..
1 bar pura post zarur padhiye..
Duniya bhar me Roz hazaro Bachche paida
hote hain to hazaro logo ka inteqal hota
hai....
Aaj ka insan kis gumrahi me hai ?
Ek bat batao
Kya Aapko marna nahi hai ?
Yaad Rakho musalmano
"KULLU NAFSIN ZAYKATUL MOUT"
Matlab Har Nafs ko Mout ka Maza Chakhna
hai
chahe insan ho ya janwar jo paida hua usko
mout ka maza chakhna hai...
Musalmano Har pal Aapko Aapki Mout ki
Aagosh ki taraf le ja raha hai kya Pata ye
Aapka aakhri waqt ho or apko agla pal
naseeb hi na ho....
Ise padhiye or kuchhh ibrat hansil kijiye...
Aik Din Ek Baadshah Ne Apnay 3 Wazeeron
Ko Darbaar Mein Bulaya, Aur teeno Ko Hukm
Diya Ky ek ek Thaila Le Kar Baagh Mein Jayn,
Aur Wahan Se Achhe Achhe fal Jama Karen,
wo teeno wazeer alag Alag Bhaag Mein
Dakhil Hogaye,
Pehle Wazeer Ne Baadshah Ke Liye Iski
Pasand Ke Achhe Achhe Aur Mazedaar fal
Jama Kare, usNe Kafi Mehnat Ke Baad
Behtreen Aur Taaza Phalon Se ThailaBhar
Liya,
Dusre wazeer Ne Socha Badshah Har fal Ka
Jaeza To Nahi Lega, Is liay Usne Jaldi Jaldi
Thaila bhrnay Mein Taza, Kachche, Galay or
sade fal Bhi Thaele Mein Bhar Liya,
Teesre Wazeer Ne Socha Badshah Ki Nazar To
Sirf Bhare Huye Thaiele Ki Taraf HoGi Wo
thele ko Khol Kar Dekhega Bhi Nahi Ki Isme
Kya Hai, Isne Waqt Bachane Ke Liye Jaldi
Jaldi
Ismein Ghaas, Aur Patte Bhar Liya AurWaqt
Bachaya.
Dusre Din Badshah Ne Teenon Wazeeron Ko
Inky Thailon Samet Darbar me Bulaya Aur
Inke Thaile Khol Kar Bhi Na Dekha Aur
Hukam Diya Ke Teenon Ko Inke Thaelon
Samet Door Daraz Jail Mein 3 mah Qaid Kar
Diya Jae.
Ab Jail Mein Unke Pas Khanae Peenay Ko
Kuch Bhi Nahi Tha Siwae Un Thaelon Ke,
To Jis Wazeer Ne Achhe Achhe fal Jama Kiya
tha Wo To Maze Se Khata Raha Aur 3 Mah
Guzar Bhi Gaye,
Phir Dusra Wazeer Jisne Taza, Kachche Gale,
Sade fal Jama Kiye The Kuch Din To Taza fal
Khata Raha Phir Use khrab fal Khanay Pade
Jis se Wo Beemar Ho gaya Aur Boht Takleef
Uthani Pardi.
Aur Teesra Wazeer Jisne Thailay Mein Sirf
Ghaas Aur Patte Jama Kiya Tha wo Kuch Hi
Dino Mein Bhook Se tadap kar Mar Gya.
Ab Aap Apne Aap ko dekhiye Ki Aap Kya Jama
Kar Rahe Hain??
Aap Is Waqt ese Baag Mein Hein Jahan
Chahen To Naik Aamal Jama Kren or Chahen
To Kharab Amaal,
Magar Yaad Rahay
Jab Badshah Ka Hukm Saadir Hoga,
To Aapko Apki Jail Qabr Mein Jana Hoga
Jahan
Sirf Apke Sath Amal Ka Thela Hoga,
Musalmano Abhi Waqt hai hai Sambhal Jao
Abhi Thodi Si Mehnat Kar Ke Achhe Achhe
Amaal Jama Karo.....
*** QURAN PADHO
*** NAMAAZ PADHO
*** ROZA RAKHO
*** TAKWA OR PARHEZGARI IKHTEYAR KARO
*** GAIR MARHAM SE PARDA KARO
*** AGAR HAJ FARZ HO GAYA HO TO HAJ
ADA
KARO
*** NEKI KARO KI OR GUNAHO SE BACHO
*** GAREEBON KI MADAD KARO
*** AGAR ALLAH NE AAPKO DAULAT NE
NAWAZA HAI TO GAREEB BACHCHE OR
BACHCHIYO KO AALIM/AALIMA OR HAFIZ/
HAFIZA BANAO
ALLAH TAA'ALA QAYAAMAT KE ROZ TUMKO
KHOOB IZZAT SE NAWAZEGA
*** AGAR KISI GAREEB KO KOI PARESHANI
HAI TO AAP US GAREEB KI PARESHANI DOOR
KAREN
*** HALAAL KAMAAI KAREN OR HALAL
KHAYEN HARAAM KAMAAI NA KAREN
YE ZINDGI HUMKO SIRF ISLIYE MILI HAI TAKI
HUM ALLAH KI IBADAT KAREN,
ESA AMAL KAREN JISSE ALLAH OR
RASOOLULLAH RAZI HO JAYE
ESA KAAM NA KAREN JISSE ALLAH OR
RASOOLULLAH NARAZ HO .
Monday, April 29, 2013
माँ भारती
देश के अन्दर चीन की सेना 20 किलोमीटर अन्दर आकर बैठी हैं, मिडिया चैनेल्स को सरकार की ऐडवायजरी नोटिस मिली हुई हैं की चीनी घुसपैठ से सम्बंधित कोई खबर ना दिखाई जाए, अब मैं आप लोगो से पूछना चाहती हूँ क्या ऐसे कोई ऐडवायजरी नोटिस हम फेस्बूकियो को भी मिली हैं जो हम शांत होकर बैठे हैं, और शेरो शायरी पोस्ट और शेयर कर रहे हैं|
माना की हमारी पहुँच सिमित हैं हम बोर्डर पर लड़ने नहीं जा सकते पर अपनी कलम में तो बारूद भर सकते हैं, मित्रो प्यार के अफ़साने भी गायेंगे श्रृगार और प्रेम रस के तराने भी गायेंगे मगर आज देश मुश्किल में हैं जरुरत हैं कलम में बारूद भरने की अपनी वाल से लेकर मिडियाकर्मियों की वाल तक तेज़ाब भर दो, ऐसी हुंकार लगाओ की गद्दी हिल जाए सोते हुए की नीद टूट जाए क्योकि हमारी माँ खतरे में हैं चंद्रशेखर और भगत सिंह की कुरबानिया खतरे में हैं| लगाओ नारा या तो चीनी फौज भगाओ या तो अपनी गद्दी छोडो|
माँ भारती बहुत आशापूर्ण नेत्रों से अपनी करुण गाथा सुना रही हैं अपनी संतानों को क्या अब हमसे इतना भी नहीं हो पायेगा की सरकार को हम मजबूर करे की वो हमें जवाब दे की वो हमारी माँ की आजादी के लिए क्या कर रही हैं??
माना की हमारी पहुँच सिमित हैं हम बोर्डर पर लड़ने नहीं जा सकते पर अपनी कलम में तो बारूद भर सकते हैं, मित्रो प्यार के अफ़साने भी गायेंगे श्रृगार और प्रेम रस के तराने भी गायेंगे मगर आज देश मुश्किल में हैं जरुरत हैं कलम में बारूद भरने की अपनी वाल से लेकर मिडियाकर्मियों की वाल तक तेज़ाब भर दो, ऐसी हुंकार लगाओ की गद्दी हिल जाए सोते हुए की नीद टूट जाए क्योकि हमारी माँ खतरे में हैं चंद्रशेखर और भगत सिंह की कुरबानिया खतरे में हैं| लगाओ नारा या तो चीनी फौज भगाओ या तो अपनी गद्दी छोडो|
माँ भारती बहुत आशापूर्ण नेत्रों से अपनी करुण गाथा सुना रही हैं अपनी संतानों को क्या अब हमसे इतना भी नहीं हो पायेगा की सरकार को हम मजबूर करे की वो हमें जवाब दे की वो हमारी माँ की आजादी के लिए क्या कर रही हैं??
सत्य कड़वा होता है मित्रों...
सत्य कड़वा होता है मित्रों...
* मुफ्त मे मोबाईल कनेक्शन दे सकते हैं लेकिन रोटी नहीं
* ट्रेनों में मुफ्त WI FI मिल सकता है लेकीन पीने का पानी नहीं
* बेकारों को बेरोजगारी भत्ता दिया जा सकता हैं लेकिन किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं!!!
* गाँव-गाँव तक पेप्सी- कोला का जहर पहुँचाया जा सकता है लेकिन पीने का पानी नहीं!!!
* विदेशी कंपनियों का देश को लूटना और गुलाम बनाना मंजूर है लेकिन स्वदेशी उद्योग से आत्मनिर्भर होना नहीं!!!
* विदेशों से उधार लाया जा सकता हैं लेकिन कालाधन नहीं!!!
* खरबों रुपये के घोटाले किये जा सकते हैं लेकिन गरीबों की सब्सिडी के लिये खजाने खाली!!!
* राबर्ट वाड्रा व भ्रष्ट मंत्रियों का किसानों की जमी लूटना जायज हो जाता है… …लेकिन स्वामी रामदेव का सरकार से मिली जमीन पर आरोग्य भवन जायज नहीं!!!
* बलात्कार होने के बाद महिला को मुआव्जा मिल सकता लेकिन महिलाओं को पहले से सुरक्षा नहीं!!!
* मुफ्त मे मोबाईल कनेक्शन दे सकते हैं लेकिन रोटी नहीं
* ट्रेनों में मुफ्त WI FI मिल सकता है लेकीन पीने का पानी नहीं
* बेकारों को बेरोजगारी भत्ता दिया जा सकता हैं लेकिन किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं!!!
* गाँव-गाँव तक पेप्सी- कोला का जहर पहुँचाया जा सकता है लेकिन पीने का पानी नहीं!!!
* विदेशी कंपनियों का देश को लूटना और गुलाम बनाना मंजूर है लेकिन स्वदेशी उद्योग से आत्मनिर्भर होना नहीं!!!
* विदेशों से उधार लाया जा सकता हैं लेकिन कालाधन नहीं!!!
* खरबों रुपये के घोटाले किये जा सकते हैं लेकिन गरीबों की सब्सिडी के लिये खजाने खाली!!!
* राबर्ट वाड्रा व भ्रष्ट मंत्रियों का किसानों की जमी लूटना जायज हो जाता है… …लेकिन स्वामी रामदेव का सरकार से मिली जमीन पर आरोग्य भवन जायज नहीं!!!
* बलात्कार होने के बाद महिला को मुआव्जा मिल सकता लेकिन महिलाओं को पहले से सुरक्षा नहीं!!!
Sunday, April 28, 2013
FULL HEART TOUCHING LOVE STORY........
FULL HEART TOUCHING LOVE STORY........
aao hum ek khani tumko sunayenge...
mohabbat kitni beraham hai tumko btayenge...
ek baar ek ladka tha jo pyar kisi sekarta tha...
ladki bhi use chahti thi magar uska dil kahne se darta tha...
aise hi mulakato ka silsila badhta rha...
dono ke dil me pyar palta raha...
ek din ladke ne mohabbat ka izhar kar diya...
jo tha uske dil me ladki se wo sab kah diya...
ladki ne bhi sharam se ankhe jhuka li...
ladke ne ladki apne gale se laga li...
din guzrte gye pyar badhta gya...
ek dusre ka pyar un dono ke dil me ghar karta gya...
achanak se ek din ladke ne ladki ko bulana chhod diya...
ladki ki khushio ne mano us se muh hi mod liya...
ladki ghar uske jati milne ke liye use manati...
magar wo inkar kar deta ladki ko ghar se bahar kar deta...
ladki ke dil me bhi ab thoda gussasa agya...
use na bulane ka ladki ne man bna liya...
kuchh waqt bita to ladki ki shadi kisi doctor se hogyi...
sare sapne liye ladke ke liye wo bhi roti huyi ghar se wida hogyi...
dhire dhire ladki apne ghar ke kam kaj me kashroof hogyi...
yaad to ab bhi aati thi magar ab jan bhoojh kar wo girhasti me khogyi...
ek din wo apne pati ke sath uske hasptal pahuchi...
ladke ki maa ko dakhi ek kamre me wo buri tarah chunki...
ladke ka baap kamre ke bahar khda tha...
uska haal ek dam bura sa lag rha tha...
ladki ko dekhte ladke ka baap pahchan gya...
magar muh fer kar us se wo ban anjan gya..
magar ladki ne bhi jaa kar unhe bula liya...
baap ki aankho ne hal sara ladki ko smjha diya...
usne puchha ke ye kya majra hai...
maa kio andar padi hai aapka muh kio utra hua hai...
ladke ke bare me bhi wo puchhe ja rahi thi...
baap ki ankho se barsat ho rahi thi...
ladki ki zidd ke aage use jhukna pada...
shuru se ab tak ka haal use kahnapada...
darasal ladke ke dimag me ek tumar hogya tha...
wo din pe din zahar ki tarah uske andar khogya tha...
wo chahta nhi tha ke ladki ki zindagi barbaad hojaye...
mere marne ke baad wo mere hi khyalo me kho jaye...
isi liye usne ladki se achanak milna chhod diya...
na chahte huye bhi ladki se muh ko mod liya...
ek din ladka tumse milne bhi gya tha...
dekha tumhari shadi hai to wo laut aaya tha...
dhire dhire uske tumar ne uski jaan le li...
ye sadme ki baat uski maa ne na jheli...
kuchh din pahle ladka tumhara naam lete huye mar gya...
ek khat pada tha uske kamre me jo wo tumhare naam kargya...
uske hi shok me uski maa hasptal me padi hai...
bete ke liye dekho aaj mujhe akelakiye ja rahi hai...
sunte hi itni baat ladki behosh horhi thi...
dil fat rha tha uska aankh uski ro rahi thi...
ghar jate hi usne dawa ke naam pe goliya zahar ki kha gyi...
jo wade sath jeene marne ke kiye the wo unhe nibhagyi...
mohabbat apna rang dikha gyi...mohabbat apna rang dikha gyi...
Agar kisi ko rula diya ho to Sorry
स्त्रियां तय कर लें तो कभी युद्ध ना हो
स्त्री को अपनी मुक्ति के लिए अपने व्यक्तित्व
को खड़ा करने की दिशा में सोचना चाहिए। प्रयोग करने चाहिए। लेकिन ज्यादा
से ज्यादा वह क्लब बना लेती है, जहां ताश खेल लेती है, कपड़ों की बात कर
लेती है, फिल्मों की बात कर लेती है, चाय-कॉफी पी लेती है, पिकनिक कर लेती
है और समझती है कि बहुत है, शिक्षित होना पूरा हो गया। ताश खेल लेती होगी।
पुरुषों की नकल में दो पैसे जुए के दांव पर लगा लेती होगी बाकी इससे उसको
कुछ व्यक्तित्व नहीं मिलने वाला है।
स्त्री को भी सृजन के मार्गों पर जाना पड़ेगा। उसे भी निर्माण की दिशाएं खोजनी पड़ेंगी। जीवन को ज्यादा सुंदर और सुखद बनाने के लिए उसे भी अनुदान करना पड़ेगा; तभी स्त्री का मान, स्त्री का सम्मान, उसकी प्रतिष्ठा है। वह समकक्ष आ सकती है।
स्त्री को एक और तरह की 'शिक्षा' चाहिए, जो उसे संगीतपूर्ण व्यक्तित्व दे, जो उसे नृत्यपूर्ण व्यक्तित्व दे, जो उसे प्रतीक्षा की अनंत क्षमता दे, जो उसे मौन की, चुप होने की, अनाक्रामक होने की, प्रेमी की और करुणा की गहरी शिक्षा दे। यह शिक्षा अनिवार्य रूपेण 'ध्यान' है।
स्त्री को पहले दफा यह सोचना है क्या स्त्री भी एक नई संस्कृति को जन्म देने के आधार रख सकती है? कोई संस्कृति जहां युद्ध और हिंसा नहीं। कोई संस्कृति जहां प्रेम, सहानुभूति और दया हो। कोई संस्कृति जो विजय के लिए आतुर न हो- जीने के लिए आतुर हो। जीने की आतुरता हो। जीवन को जीने की कला और जीवन को शान्ति से जीने की आस्था और निष्ठा पर खड़ी हो- यह संस्कृति- स्त्री जन्म दे सकती है- स्त्री जरूर जन्म दे सकती है।
आज तक चाहे युद्ध में कोई कितना ही मरा हो, स्त्री का मन निरंतर-प्राण उसके दुख से भरे रहे। उसका भाई मरता है, उसका बेटा मरता है, उसका बाप मरता है, पति मरता है, प्रेमी मरता है। स्त्री का कोई न कोई युद्ध में जा के मरता है।
अगर सारी दुनिया की स्त्रियां एक बार तय कर लें- युद्ध नहीं होगा; दुनिया पर कोई राजनैतिक युद्ध में कभी किसी को नही घसीट सकता। सिर्फ स्त्रियां तय कर लें; युद्ध अभी नहीं होगा- तो नहीं हो सकता। क्योंकि कौन जाएगा युद्ध पर? कोई बेटा जाता है, कोई पति जाता है, कोई बाप जाता है। स्त्रियां एक बार तय कर लें।
लेकिन स्त्रियां पागल हैं। युद्ध होता है तो टीका करती हैं कि जाओ युद्ध पर। पाकिस्तानी मां, पाकिस्तानी बेटे के माथे पर टीका करती है कि जाओ युद्ध पर। हिन्दुस्तानी मां, हिन्दुस्तानी बेटे के माथे पर टीका करती है कि जाओ बेटे; युद्ध पर जाओ।
पता चलता है कि स्त्री को कुछ पता नहीं कि यह क्या हो रहा है। वह पुरुष के पूरे जाल में सिर्फ एक खिलौना बन हर जगह एक खिलौना बन जाती है। चाहे पाकिस्तानी बेटा मरता हो, चाहे हिन्दुस्तानी; किसी मां का बेटा मरता है। यह स्त्री को समझना होगा। रूस का पति मरता हो चाहे अमेरिका का। स्त्री को समझना होगा, उसका पति मरता है। अगर सारी दुनिया की स्ित्रयों को एक ख्याल पैदा हो जाए कि आज हमें अपने पति को, बेटे को, अपने बाप को युद्ध पर नहीं भेजना है, तो फिर पुरुष की लाख कोशिश पर राजनैतिकों की हर कोशिशें व्यर्थ हो सकती हैं, युद्ध नहीं हो सकता है।
यह स्त्री की इतनी बड़ी शक्ति है, वह उसके ऊपर सोचती है कभी? उसने कभी कोई आवाज नहीं की। उसने कभी कोई फिक्र नहीं की। उस आदमी ने- पुरुष ने- जो रेखाएं खींची हैं राष्ट्रों की, उनको वह मान लेती है। प्रेम कोई रेखाएं नहीं मान सकता। हिंसा रेखाएं मानती है, क्योंकि जहां प्रेम है, वहां सीमा नहीं होती। सारी दुनिया की स्ित्रयों को एक तो बुनियादी यह खयाल जाग जाना चाहिए कि हम एक नई संस्कृति को, एक नए समाज को, एक नई सभ्यता को जन्म दे सकती हैं। जो पुरुष का आधार है उसके ठीक विपरीत आधार रखकर...
यह स्त्री कर सकती है। और स्त्री सजग हो, कॉन्शियस हो, जागे तो कोई भी कठिनाई नहीं। एक क्रांति- बड़ी से बड़ी क्रांति दुनिया में स्त्री को लानी है। वह यह 'एक प्रेम पर आधारित' देने वाली संस्कृति, जो मांगती नहीं, इकट्ठा नहीं करती, देती है, ऐसी एक संस्कृति, निर्मित करनी है। ऐसी संस्कृति के निर्माण के लिए जो भी किया जा सके वह सब। उस सबसे बड़ा धर्म स्त्री के सामने आज कोई और नहीं। यह पुरुष के संसार को बदल देना है आमूल।
शायद पुरानी पीढ़ी नहीं कर सकेगी। नई पीढ़ी की लड़कियां कुछ अगर हिम्मत जुटाएंगी और फिर पुरुष होने की नकल और बेवकूफी में नहीं पड़ेंगी तो यह क्रांति निश्चित हो सकती है।
FILE
|
स्त्री को भी सृजन के मार्गों पर जाना पड़ेगा। उसे भी निर्माण की दिशाएं खोजनी पड़ेंगी। जीवन को ज्यादा सुंदर और सुखद बनाने के लिए उसे भी अनुदान करना पड़ेगा; तभी स्त्री का मान, स्त्री का सम्मान, उसकी प्रतिष्ठा है। वह समकक्ष आ सकती है।
स्त्री को एक और तरह की 'शिक्षा' चाहिए, जो उसे संगीतपूर्ण व्यक्तित्व दे, जो उसे नृत्यपूर्ण व्यक्तित्व दे, जो उसे प्रतीक्षा की अनंत क्षमता दे, जो उसे मौन की, चुप होने की, अनाक्रामक होने की, प्रेमी की और करुणा की गहरी शिक्षा दे। यह शिक्षा अनिवार्य रूपेण 'ध्यान' है।
स्त्री को पहले दफा यह सोचना है क्या स्त्री भी एक नई संस्कृति को जन्म देने के आधार रख सकती है? कोई संस्कृति जहां युद्ध और हिंसा नहीं। कोई संस्कृति जहां प्रेम, सहानुभूति और दया हो। कोई संस्कृति जो विजय के लिए आतुर न हो- जीने के लिए आतुर हो। जीने की आतुरता हो। जीवन को जीने की कला और जीवन को शान्ति से जीने की आस्था और निष्ठा पर खड़ी हो- यह संस्कृति- स्त्री जन्म दे सकती है- स्त्री जरूर जन्म दे सकती है।
आज तक चाहे युद्ध में कोई कितना ही मरा हो, स्त्री का मन निरंतर-प्राण उसके दुख से भरे रहे। उसका भाई मरता है, उसका बेटा मरता है, उसका बाप मरता है, पति मरता है, प्रेमी मरता है। स्त्री का कोई न कोई युद्ध में जा के मरता है।
अगर सारी दुनिया की स्त्रियां एक बार तय कर लें- युद्ध नहीं होगा; दुनिया पर कोई राजनैतिक युद्ध में कभी किसी को नही घसीट सकता। सिर्फ स्त्रियां तय कर लें; युद्ध अभी नहीं होगा- तो नहीं हो सकता। क्योंकि कौन जाएगा युद्ध पर? कोई बेटा जाता है, कोई पति जाता है, कोई बाप जाता है। स्त्रियां एक बार तय कर लें।
लेकिन स्त्रियां पागल हैं। युद्ध होता है तो टीका करती हैं कि जाओ युद्ध पर। पाकिस्तानी मां, पाकिस्तानी बेटे के माथे पर टीका करती है कि जाओ युद्ध पर। हिन्दुस्तानी मां, हिन्दुस्तानी बेटे के माथे पर टीका करती है कि जाओ बेटे; युद्ध पर जाओ।
पता चलता है कि स्त्री को कुछ पता नहीं कि यह क्या हो रहा है। वह पुरुष के पूरे जाल में सिर्फ एक खिलौना बन हर जगह एक खिलौना बन जाती है। चाहे पाकिस्तानी बेटा मरता हो, चाहे हिन्दुस्तानी; किसी मां का बेटा मरता है। यह स्त्री को समझना होगा। रूस का पति मरता हो चाहे अमेरिका का। स्त्री को समझना होगा, उसका पति मरता है। अगर सारी दुनिया की स्ित्रयों को एक ख्याल पैदा हो जाए कि आज हमें अपने पति को, बेटे को, अपने बाप को युद्ध पर नहीं भेजना है, तो फिर पुरुष की लाख कोशिश पर राजनैतिकों की हर कोशिशें व्यर्थ हो सकती हैं, युद्ध नहीं हो सकता है।
यह स्त्री की इतनी बड़ी शक्ति है, वह उसके ऊपर सोचती है कभी? उसने कभी कोई आवाज नहीं की। उसने कभी कोई फिक्र नहीं की। उस आदमी ने- पुरुष ने- जो रेखाएं खींची हैं राष्ट्रों की, उनको वह मान लेती है। प्रेम कोई रेखाएं नहीं मान सकता। हिंसा रेखाएं मानती है, क्योंकि जहां प्रेम है, वहां सीमा नहीं होती। सारी दुनिया की स्ित्रयों को एक तो बुनियादी यह खयाल जाग जाना चाहिए कि हम एक नई संस्कृति को, एक नए समाज को, एक नई सभ्यता को जन्म दे सकती हैं। जो पुरुष का आधार है उसके ठीक विपरीत आधार रखकर...
यह स्त्री कर सकती है। और स्त्री सजग हो, कॉन्शियस हो, जागे तो कोई भी कठिनाई नहीं। एक क्रांति- बड़ी से बड़ी क्रांति दुनिया में स्त्री को लानी है। वह यह 'एक प्रेम पर आधारित' देने वाली संस्कृति, जो मांगती नहीं, इकट्ठा नहीं करती, देती है, ऐसी एक संस्कृति, निर्मित करनी है। ऐसी संस्कृति के निर्माण के लिए जो भी किया जा सके वह सब। उस सबसे बड़ा धर्म स्त्री के सामने आज कोई और नहीं। यह पुरुष के संसार को बदल देना है आमूल।
शायद पुरानी पीढ़ी नहीं कर सकेगी। नई पीढ़ी की लड़कियां कुछ अगर हिम्मत जुटाएंगी और फिर पुरुष होने की नकल और बेवकूफी में नहीं पड़ेंगी तो यह क्रांति निश्चित हो सकती है।
औरत हो ?
औरत हो ?
पैदा होने से पहले मार दी जाओगी l
औरत हो ?
बस मे जाओ रेप होगा l
औरत हो ?
पाँच साल की उम्र मे पडोसी रेप करेगा l
औरत हो ?
अदर कास्ट से प्यार करो भाई
ओनरकिल्ड करेगा l
औरत हो ?
लिफ्ट माँगो कार मे रेप होगा ।
औरत हो ?
पढने जाओ टीचर निर्लज्ज करेगा l
औरत हो ?
दहेज के लोभ मे पति जिन्दा जला देगा l
औरत हो ?
अगर नजरे झुका के चलोगी तो समाज
कमजोर और नजरे उठा के चलोगी तो तुझे समाज जीने नही देगा l
इसलिये पत्थर बन जाओ समाज पूजा करेगा
औरत हो ?
पैदा होने से पहले मार दी जाओगी l
औरत हो ?
बस मे जाओ रेप होगा l
औरत हो ?
पाँच साल की उम्र मे पडोसी रेप करेगा l
औरत हो ?
अदर कास्ट से प्यार करो भाई
ओनरकिल्ड करेगा l
औरत हो ?
लिफ्ट माँगो कार मे रेप होगा ।
औरत हो ?
पढने जाओ टीचर निर्लज्ज करेगा l
औरत हो ?
दहेज के लोभ मे पति जिन्दा जला देगा l
औरत हो ?
अगर नजरे झुका के चलोगी तो समाज
कमजोर और नजरे उठा के चलोगी तो तुझे समाज जीने नही देगा l
इसलिये पत्थर बन जाओ समाज पूजा करेगा
पैदा होने से पहले मार दी जाओगी l
औरत हो ?
बस मे जाओ रेप होगा l
औरत हो ?
पाँच साल की उम्र मे पडोसी रेप करेगा l
औरत हो ?
अदर कास्ट से प्यार करो भाई
ओनरकिल्ड करेगा l
औरत हो ?
लिफ्ट माँगो कार मे रेप होगा ।
औरत हो ?
पढने जाओ टीचर निर्लज्ज करेगा l
औरत हो ?
दहेज के लोभ मे पति जिन्दा जला देगा l
औरत हो ?
अगर नजरे झुका के चलोगी तो समाज
कमजोर और नजरे उठा के चलोगी तो तुझे समाज जीने नही देगा l
इसलिये पत्थर बन जाओ समाज पूजा करेगा
Learn Quran
A man asked the wise man, how would I know if my wife loves me?
The man replied, when she does 14 things be assured that she loves you .
The man asked, so what are the 14 things?
The wise man answered:
1- If she likes to hear about your demeanour be sure that she loves you.
2- If she didn’t get angry when you contradicted her opinion.
3- If she becomes sad because of your sadness or anger.
4- If she always tries to create topics to make conversation with you.
5- If she always consults you before she makes something or takes a decision.
6- If she gets very happy when you gift her with something even if it’s a very simple gift.
7-if she always tries to help you or even do some of your tasks.
8- If she worries about you in your absence.
9- If she cares to do what pleases you, and never repeats what angers you.
10- If she doesn’t care about how little you earn (money).
11- If she patiently bears the harm which was caused because of you.
12- If she likes to share whatever you like and cares to become a part of your world and your hobbies.
13- She don’t feel shy of whatever you do.
14- She always gives you good news personally, instead of you hearing from a third party.
We ask Allah to bless us with true love and to assist us in maintaining it, Aameen.
Learn Quran With Tajweed at Home with expert Quran Tutors www.thequraninstitute.com
★ [ DON,T FORGET TO SHARE ] ★
A man asked the wise man, how would I know if my wife loves me?
The man replied, when she does 14 things be assured that she loves you .
The man asked, so what are the 14 things?
The wise man answered:
1- If she likes to hear about your demeanour be sure that she loves you.
2- If she didn’t get angry when you contradicted her opinion.
3- If she becomes sad because of your sadness or anger.
4- If she always tries to create topics to make conversation with you.
5- If she always consults you before she makes something or takes a decision.
6- If she gets very happy when you gift her with something even if it’s a very simple gift.
7-if she always tries to help you or even do some of your tasks.
8- If she worries about you in your absence.
9- If she cares to do what pleases you, and never repeats what angers you.
10- If she doesn’t care about how little you earn (money).
11- If she patiently bears the harm which was caused because of you.
12- If she likes to share whatever you like and cares to become a part of your world and your hobbies.
13- She don’t feel shy of whatever you do.
14- She always gives you good news personally, instead of you hearing from a third party.
We ask Allah to bless us with true love and to assist us in maintaining it, Aameen.
Learn Quran With Tajweed at Home with expert Quran Tutors www.thequraninstitute.com
★ [ DON,T FORGET TO SHARE ] ★
The man replied, when she does 14 things be assured that she loves you .
The man asked, so what are the 14 things?
The wise man answered:
1- If she likes to hear about your demeanour be sure that she loves you.
2- If she didn’t get angry when you contradicted her opinion.
3- If she becomes sad because of your sadness or anger.
4- If she always tries to create topics to make conversation with you.
5- If she always consults you before she makes something or takes a decision.
6- If she gets very happy when you gift her with something even if it’s a very simple gift.
7-if she always tries to help you or even do some of your tasks.
8- If she worries about you in your absence.
9- If she cares to do what pleases you, and never repeats what angers you.
10- If she doesn’t care about how little you earn (money).
11- If she patiently bears the harm which was caused because of you.
12- If she likes to share whatever you like and cares to become a part of your world and your hobbies.
13- She don’t feel shy of whatever you do.
14- She always gives you good news personally, instead of you hearing from a third party.
We ask Allah to bless us with true love and to assist us in maintaining it, Aameen.
Learn Quran With Tajweed at Home with expert Quran Tutors www.thequraninstitute.com
★ [ DON,T FORGET TO SHARE ] ★
Saturday, April 27, 2013
पहला एपिसोड: एक लड़का और लड़की मिलते हैँ..
पहला एपिसोड: एक लड़का और लड़की मिलते हैँ..
.
.
78वां एपिसोड: दोनोँ मेँ दोस्ती हो जाती है..
.
.
124वां एपिसोड: लड़का- क्या तुम मुझसे
शादी करोगी?
.
.
250वां एपिसोड: लड़की- सोच कर बताऊंगी..
.
.
341वां एपिसोड: लड़का- अरे तुम... कहाँ थी इतनी देर? शादी का कोई प्लान बनाया? ..
.
.
474वां एपिसोड: लड़की- आई एम मैरिड..
.
546वां एपिसोड: अब..... होश में आ गया है
674वां एपिसोड : आई एम सॉरी पापा के वजह से झूठ बोला की मेरी शादी हो गई है..
738वां एपिसोड : ...... पता है तेरे बॉयफ्रेंड की शादी ...... से तय हो गई है..
916वां एपिसोड : लड़की का पिता लड़के के खून के केस में गिरफ्तार..
नोट- अगर ये PRIVATE CHANNEL बंद हो जाये तो India मेँ प्रतिदिन 65% बिजली और घर की महिलाओं के 40 % आँसू save की जा सकती है.... !!
भारतीय नरक.....!
भारतीय नरक.....!
एक आदमी मरने के बाद नरक जाता है, वहां वो देखता है की सभी देशों के लिए अलग अलग नरक है!!
वह जर्मनी के नरक में जाता है, और पूछता है कि वे यहाँ क्या करते हैं?!
उसे बताया जाता है कि पहले वे आदमी को एक घंटे के लिए इलैक्ट्रिक कुर्सी
पर बिठाते है, उसके बाद उस आदमी को नाख़ून लगे बिस्तर पर एक घंटे के लिए
लिटा देते हैं, उसके बाद जर्मन यमराज आएगा और पूरा दिन उस आदमी को पिटेगा
और वो आदमी के चीखने की आवाज तो बिलकुल पसंद नहीं करता!!
वो आदमी
डर गया इसलिए वो अमेरिका रूस और भी न जाने कितने देशों के नरक में चला गया
उसने देखा वह सभी नरक वैसे ही है जैसा जर्मनी का नरक था! !
उसके बाद वो अंत में भारत के नरक में आया वहां उसने देखा एक बहुत लम्बी कतार नरक के बाहर लगी थी!!
उसने पूछा ये यहाँ क्या होता है? उसे बताया गया की पहले ये तुम्हें
इलैक्ट्रिक कुर्सी पर बिठाएँगे फिर वे तुम्हें नाख़ून लगे बिस्तर पर लिटा
देंगे, फिर यमराज आएगा और पूरा दिन बेरहमी से तुम्हें पिटेगा!!
पर ये तो बिलकुल वैसा ही है जैसा दूसरे नरक में होता था!!
फिर यहाँ इतने लोगों की भीड़ क्यों है? और वे कतारों में क्यों खड़े है? आदमी ने पूछा!!
क्योंकि नरक के रख रखाव का बुरा हाल है, इलैक्ट्रिक कुर्सी काम नहीं कर
रही है, किसी ने बिस्तर से सारे नाख़ून चुरा लिए हैं, और जो यमराज है, वो
भारत सरकार का पूर्व कर्मचारी है वो पहले अन्दर आता है रजिस्टर पर साईन
करता है, और उसके बाद कैंटीन चला जाता है इसलिए भीड़ इतनी बढ़ गयी है!
भारतीय नरक.....!
एक आदमी मरने के बाद नरक जाता है, वहां वो देखता है की सभी देशों के लिए अलग अलग नरक है!!
वह जर्मनी के नरक में जाता है, और पूछता है कि वे यहाँ क्या करते हैं?!
उसे बताया जाता है कि पहले वे आदमी को एक घंटे के लिए इलैक्ट्रिक कुर्सी पर बिठाते है, उसके बाद उस आदमी को नाख़ून लगे बिस्तर पर एक घंटे के लिए लिटा देते हैं, उसके बाद जर्मन यमराज आएगा और पूरा दिन उस आदमी को पिटेगा और वो आदमी के चीखने की आवाज तो बिलकुल पसंद नहीं करता!!
वो आदमी डर गया इसलिए वो अमेरिका रूस और भी न जाने कितने देशों के नरक में चला गया उसने देखा वह सभी नरक वैसे ही है जैसा जर्मनी का नरक था! !
उसके बाद वो अंत में भारत के नरक में आया वहां उसने देखा एक बहुत लम्बी कतार नरक के बाहर लगी थी!!
उसने पूछा ये यहाँ क्या होता है? उसे बताया गया की पहले ये तुम्हें इलैक्ट्रिक कुर्सी पर बिठाएँगे फिर वे तुम्हें नाख़ून लगे बिस्तर पर लिटा देंगे, फिर यमराज आएगा और पूरा दिन बेरहमी से तुम्हें पिटेगा!!
पर ये तो बिलकुल वैसा ही है जैसा दूसरे नरक में होता था!!
फिर यहाँ इतने लोगों की भीड़ क्यों है? और वे कतारों में क्यों खड़े है? आदमी ने पूछा!!
क्योंकि नरक के रख रखाव का बुरा हाल है, इलैक्ट्रिक कुर्सी काम नहीं कर रही है, किसी ने बिस्तर से सारे नाख़ून चुरा लिए हैं, और जो यमराज है, वो भारत सरकार का पूर्व कर्मचारी है वो पहले अन्दर आता है रजिस्टर पर साईन करता है, और उसके बाद कैंटीन चला जाता है इसलिए भीड़ इतनी बढ़ गयी है!
एक आदमी मरने के बाद नरक जाता है, वहां वो देखता है की सभी देशों के लिए अलग अलग नरक है!!
वह जर्मनी के नरक में जाता है, और पूछता है कि वे यहाँ क्या करते हैं?!
उसे बताया जाता है कि पहले वे आदमी को एक घंटे के लिए इलैक्ट्रिक कुर्सी पर बिठाते है, उसके बाद उस आदमी को नाख़ून लगे बिस्तर पर एक घंटे के लिए लिटा देते हैं, उसके बाद जर्मन यमराज आएगा और पूरा दिन उस आदमी को पिटेगा और वो आदमी के चीखने की आवाज तो बिलकुल पसंद नहीं करता!!
वो आदमी डर गया इसलिए वो अमेरिका रूस और भी न जाने कितने देशों के नरक में चला गया उसने देखा वह सभी नरक वैसे ही है जैसा जर्मनी का नरक था! !
उसके बाद वो अंत में भारत के नरक में आया वहां उसने देखा एक बहुत लम्बी कतार नरक के बाहर लगी थी!!
उसने पूछा ये यहाँ क्या होता है? उसे बताया गया की पहले ये तुम्हें इलैक्ट्रिक कुर्सी पर बिठाएँगे फिर वे तुम्हें नाख़ून लगे बिस्तर पर लिटा देंगे, फिर यमराज आएगा और पूरा दिन बेरहमी से तुम्हें पिटेगा!!
पर ये तो बिलकुल वैसा ही है जैसा दूसरे नरक में होता था!!
फिर यहाँ इतने लोगों की भीड़ क्यों है? और वे कतारों में क्यों खड़े है? आदमी ने पूछा!!
क्योंकि नरक के रख रखाव का बुरा हाल है, इलैक्ट्रिक कुर्सी काम नहीं कर रही है, किसी ने बिस्तर से सारे नाख़ून चुरा लिए हैं, और जो यमराज है, वो भारत सरकार का पूर्व कर्मचारी है वो पहले अन्दर आता है रजिस्टर पर साईन करता है, और उसके बाद कैंटीन चला जाता है इसलिए भीड़ इतनी बढ़ गयी है!
Friday, April 26, 2013
..Awsome Story -
♥ ..Awsome Story - Must Read.. ♥
1 ladka 1 ladki ko bahut pyar karta tha
1 Din wo himmat kar ke uss ke pass gya aur bola :-
Boy :- Hi
Girl :-Hi
Boy :- How are you?
Girl :- I m fine and u ?
Boy :- Me too Fi9
Mujhe tumse kuchh kehna tha
Girl :- Haan Bolo
Boy:-I like u do u like me
Girl:- no. no
Boy:- I Love You Very Much. You are My World.
Girl :- sorry I hate u
Ladka Rone lagta hai aur wahan se chala jaata hai
Ladki Use Ignore Karke 2 dino baad Study ke liye wahan se door Chali jaati hai
.
Ladka Uski Yaad me man hi man mein udaas Rahne laga
par duniya ke samne joothi muskan liye man hi man me us ladki ki yad mein hi rahata tha
24 Hours us ladki ki yaado mein
duba rehta hai
1 Din uska friend uske ghar aata hai
Jab use maloom hua ki uske friend ke haalat us ladki ki wajah se hui to usne usse puchha
Friend :-"Jab Wo Tumhe Pyar Nahi Karti to tum use kyu pyar karta ho?
Tumhe aur koi chahne wali mil jaayegi.
Tab Ladke Ne Jo Answer Diya
Usse uski frnd Ki aankhe niche ho gayi
Ladke Ne Bola :-
"HASEEL KARKE TO HAR KOI PYAR KAR SAKTA HAI
MAGAR
KHOKAR BHI KISI KO CHAHNA HI ASLI PYAR HAI''
[ MORAL :- LOVE is not about making
your LOVER yours at any cost..
LOVE is all about LOVING blindly,
even if your lover doesnt love you] ♥
..Awsome Story -
♥ ..Awsome Story - Must Read.. ♥
1 ladka 1 ladki ko bahut pyar karta tha
1 Din wo himmat kar ke uss ke pass gya aur bola :-
Boy :- Hi
Girl :-Hi
Boy :- How are you?
Girl :- I m fine and u ?
Boy :- Me too Fi9
Mujhe tumse kuchh kehna tha
Girl :- Haan Bolo
Boy:-I like u do u like me
Girl:- no. no
Boy:- I Love You Very Much. You are My World.
Girl :- sorry I hate u
Ladka Rone lagta hai aur wahan se chala jaata hai
Ladki Use Ignore Karke 2 dino baad Study ke liye wahan se door Chali jaati hai
.
Ladka Uski Yaad me man hi man mein udaas Rahne laga
par duniya ke samne joothi muskan liye man hi man me us ladki ki yad mein hi rahata tha
24 Hours us ladki ki yaado mein
duba rehta hai
1 Din uska friend uske ghar aata hai
Jab use maloom hua ki uske friend ke haalat us ladki ki wajah se hui to usne usse puchha
Friend :-"Jab Wo Tumhe Pyar Nahi Karti to tum use kyu pyar karta ho?
Tumhe aur koi chahne wali mil jaayegi.
Tab Ladke Ne Jo Answer Diya
Usse uski frnd Ki aankhe niche ho gayi
Ladke Ne Bola :-
"HASEEL KARKE TO HAR KOI PYAR KAR SAKTA HAI
MAGAR
KHOKAR BHI KISI KO CHAHNA HI ASLI PYAR HAI''
[ MORAL :- LOVE is not about making
your LOVER yours at any cost..
LOVE is all about LOVING blindly,
even if your lover doesnt love you] ♥
Thursday, April 25, 2013
हिन्दू दोस्त बुरा ना माने
हिन्दू दोस्त बुरा ना माने (भगवा आतंकी मान सकते है)
इस्लाम को बदनाम करने वालो को अब भी शर्म नहीं आती :- -मोदी की भतीजी का पति मुल्ला क्यों है..!! मोदी के सी एम्हाउस में फरीद भाई ही क्यों खाना बनाता है क्या हिंदू के हाँथ का बना खाना अच्छा नहीं लगता मोदी को?..-बीजेपी के शाहनवाज हुसैन जी की पत्नी मुरली मनोहर जोशी जी की बेटी हीक्यों...बीजेप
-ी के मुख़्तार अब्बास नकवी की पत्नी वी.एच.पीके अशोक सिंघल जी की बेटी
ही क्यों...-लाल कृष्ण अडवानी की बेटी ने दूसरी शादी की तो मुल्ले के साथ
क्यों की क्या हिंदूपसंद नहीं था ?...सुभ्रमन्ययम - स्वामी की लड़की ने मुस्लिम से शादी क्यों की.. शिव सेना बाल ठाकरे की पोती ने मुस्लिम से शादी क्यों की...समज से परे है !!
इस्लाम को बदनाम करने वालो को अब भी शर्म नहीं आती :- -मोदी की भतीजी का पति मुल्ला क्यों है..!! मोदी के सी एम्हाउस में फरीद भाई ही क्यों खाना बनाता है क्या हिंदू के हाँथ का बना खाना अच्छा नहीं लगता मोदी को?..-बीजेपी के शाहनवाज हुसैन जी की पत्नी मुरली मनोहर जोशी जी की बेटी हीक्यों...बीजेप
वो आई थी
वो आई थी.. कल रात.. अस्पताल के गलियारे में उसके कमरे के पास टहलती रही देर तलक.. पसीने की कुछ बूँदें छलक आई थीं माथे पे.. अंदर झाँकने में भी डर लग रहा था... हिम्मत जुटाते हुए उसने धीरे से पर्दा बाँयी तरफ सरकाया और अंदर खिड़की के पास आ के खड़ी हो गयी.. उस बेड के सफेद चादर पे खून की कुछ बूँदें सूख चुकी थीं जिसपर वो लेटी थी.. सूजी हुई बंद आखें, नाक में नली, बाईं कलाई से पानी चढ़ाया जा रहा था और पता नही कौन कौन सी मशीनें लगी थीं.. और.. पैरों के पास बैठी थी उसकी माँ.. बेटी का सारा दर्द समेटे.. सुखी खाली उसकी आँखों की तरह आधा बिस्तर भी खाली ही था.. अभी पाँच साल की बच्ची ही तो थी वो.. उसका कलेजा भर आया.. जी में आया की चीख चीख के रो दे वहीं.. पर सोती हुई उस नन्ही सी जान का ख़याल आ गया शायद... बस प्यार से उसके सर पे हाथ फेरा और भर आई आँखों को हाथों से पोंछते हुए वो कमरे के बाहर निकल आई.. दुपट्टा उसका आज भी उसी सफेद बस में होगा कहीं.. बाहर कई गाड़ियाँ.. टीवी चैनेल वाली.. पुलिस की गाड़ियाँ.. उसने दौड़ना शुरू किया.. दौड़ती रही.. जबतक अदालत के उस कमरे में ना पहुँची वो.. उखड़ी हुई साँसें.. पसीने से तरबतर... टाँगों के साथ पेट में.. और नीचे.. फिर से दर्द उठ रहा था.. पर इसका अब कोई इलाज नहीं शायद.. अदालत के उस अंधेरे कमरे के कोने में वो धीरे से लेट गयी.. कल फिर जज साहब आएँगे.. तारीख है कल.. सिसकते हुए.. दर्द में.. ये रात भी कट जाएगी.. उसकी.. निर्भया की...
Wednesday, April 24, 2013
लो कर लो बात....!!
लो कर लो बात....!!
एक ग्राहक पान की दूकान पर पहुँचा और पानवाले से बोला....
"भाई, ये पाँच रुपये लो और बढ़िया सा पान लगा दो।
हाँ इलायची भी डाल देना और हाँ थोड़ा पिपरमेंट।"
"जी.."
"मसाला कानपुरवाला डालना..."
"जी... जी..."
"थोड़ा गुलकंद भी.."
"बहुत अच्छा.."
"काला दाना तो होगा तुम्हारे पास?"
"जी"
"तो फिर वह भी डालना और लौंग हो तो वो भी डाल देना"
पान वाला इतनी फरमाइशें सुनकर बोला...
"साहब इसमें एक चीज़ तो रह ही गई।
ग्राहक ने आश्चर्य से पूछा.."वह क्या?"
"आपका पाँच रुपये, कहिए तो वह भी डाल दूँ।"
Tuesday, April 23, 2013
" AHSAAS "
DARD "
Sabhi insano me hai...
Magar...
Koi dikhata hai...
to...
Koi chupata hai...
. " HUMSAFAR "
Sabhi hai.....
magar...
Koi sath deta hai...
to...
Koi chod deta hai...
" PYAR "
Sabhi karte hai...
Magar...
Koi dil se karta hai...
to...
Koi dimag se karta hai...
" DOSTI "
Sabhi karte hai....
Magar...
Kuch log nibhate hai...
Kuch log aazmate hai...
. " RISHTA "
Kai logon se hota hai...
Magar...
Koi pyar se nibhata hai...
to...
Koi nafrat se nibhata hai...
" AHSAAS "
Sabko hota hai...
Magar...
Koi mehsoos kar pata hai...
to...
Koisamaj nahi pata...
" ZINDAGI "
Sabhi jeete hai...
Magar...
Koi sabkuch pane ke liye jeeta hai..
to...
Koi sabkuch deke khush rehta hai.. !!!
Hijab
7 Conditions to a proper Hijab - A must Read
Talking to other sisters about why they don't wear the hijab can be a very very touch subject. Most of us just do not know how to approach this issue and advise our sisters to please dress more islamically as hijab isn't just the peice of cloth on the head. it is covering the entire body in a modest fashion.
For those who do not know the proper way of wearing Hijab should learn from the 7 Conditions to a proper Hijab below :
1. Clothing must cover the entire body, only the hands and face may remain visible (According to some Fiqh Schools, this is the lowest form of Hijab).
2. The material must not be so thin that one can see through it.
3. The clothing must hang loose so that the shape / form of the body is not apparent.
4. The female clothing must not resemble the man's clothing.
5. The design of the clothing must not resemble the clothing of the non believing women.
6. The design must not consist of bold designs which attract attention.
7. Clothing should not be worn for the sole purpose of gaining reputation or increasing one's status in society.
The reason for this strictness is so that the woman is protected from the lustful gaze of men. She should not attract attention to herself in any way. It is permissible for a man to catch the eye of a woman , however it is haram (unlawful) for a man to look twice as this encourages lustful thoughts. Islam protects the woman, it is for this reason that Allah gave these laws. In today's society womankind is being exploited, female sexuality is being openly used in advertising, mainly to attract the desires of men and therefore sell the product. Is the woman really free in today's society ? The answer is obviously no, the constant bombardment by the media as to how the ideal woman should look and dress testifies to this.
Islam liberated woman over 1400 years ago. Is it better to dress according to man or God? Allah has stated in the Quran that women must guard their modesty……….
"And say to the believing women that they should lower their gaze and guard their modesty; that they should not display their beauty and ornaments except what (ordinarily) appear thereof; that they should draw their veils over their bosoms and not display their beauty"
[Quran 24:31]
Reward for your Hijab :
A veiled woman will be rewarded continuously for wearing the veil (head cover as well as modest clothing)…as her veil invites those who see her to obey Allah, since they see her obeying Him.
On the Day of Judgement, veiled women may find their rewards as huge as mountains (Insha- Allah). They will be so surprised and shocked thinking they did nothing in their lives worth all of these rewards!
THAT IS BECAUSE THEY WILL GET REWARDS WHENEVER ANYONE SEES THEM WEARING THE VEIL!
Some women give up wearing the veil and some cannot stand to adopt it; those must be unaware of the rewards of wearing the veil, and how Allah; the REWARDER will reward them immensely for adopting it and adhering to His command.
So patiently persevere: For verily the promise of Allah is true.
(Surat Ar-Room:60)
Learn Online Quran With Tajweed at Home with expert Quran Tutors www.thequraninstitute.com
★ [ DON,T FORGET TO SHARE ] ★
Talking to other sisters about why they don't wear the hijab can be a very very touch subject. Most of us just do not know how to approach this issue and advise our sisters to please dress more islamically as hijab isn't just the peice of cloth on the head. it is covering the entire body in a modest fashion.
For those who do not know the proper way of wearing Hijab should learn from the 7 Conditions to a proper Hijab below :
1. Clothing must cover the entire body, only the hands and face may remain visible (According to some Fiqh Schools, this is the lowest form of Hijab).
2. The material must not be so thin that one can see through it.
3. The clothing must hang loose so that the shape / form of the body is not apparent.
4. The female clothing must not resemble the man's clothing.
5. The design of the clothing must not resemble the clothing of the non believing women.
6. The design must not consist of bold designs which attract attention.
7. Clothing should not be worn for the sole purpose of gaining reputation or increasing one's status in society.
The reason for this strictness is so that the woman is protected from the lustful gaze of men. She should not attract attention to herself in any way. It is permissible for a man to catch the eye of a woman , however it is haram (unlawful) for a man to look twice as this encourages lustful thoughts. Islam protects the woman, it is for this reason that Allah gave these laws. In today's society womankind is being exploited, female sexuality is being openly used in advertising, mainly to attract the desires of men and therefore sell the product. Is the woman really free in today's society ? The answer is obviously no, the constant bombardment by the media as to how the ideal woman should look and dress testifies to this.
Islam liberated woman over 1400 years ago. Is it better to dress according to man or God? Allah has stated in the Quran that women must guard their modesty……….
"And say to the believing women that they should lower their gaze and guard their modesty; that they should not display their beauty and ornaments except what (ordinarily) appear thereof; that they should draw their veils over their bosoms and not display their beauty"
[Quran 24:31]
Reward for your Hijab :
A veiled woman will be rewarded continuously for wearing the veil (head cover as well as modest clothing)…as her veil invites those who see her to obey Allah, since they see her obeying Him.
On the Day of Judgement, veiled women may find their rewards as huge as mountains (Insha- Allah). They will be so surprised and shocked thinking they did nothing in their lives worth all of these rewards!
THAT IS BECAUSE THEY WILL GET REWARDS WHENEVER ANYONE SEES THEM WEARING THE VEIL!
Some women give up wearing the veil and some cannot stand to adopt it; those must be unaware of the rewards of wearing the veil, and how Allah; the REWARDER will reward them immensely for adopting it and adhering to His command.
So patiently persevere: For verily the promise of Allah is true.
(Surat Ar-Room:60)
Learn Online Quran With Tajweed at Home with expert Quran Tutors www.thequraninstitute.com
★ [ DON,T FORGET TO SHARE ] ★
माँ के अनेको रूप होते हैं
माँ के अनेको रूप होते हैं ,,आइये जिनमे से उनके कुछ रूपों पर चर्चा करते हैं -.
चिकित्सक (डॉक्टर ) माँ-
"एक थप्पड़ पड़ेगा तो ठीक हो जाओगे"
कम बोलने वाली माँ-
"एक ही बात तुम्हे कितनी बार समझानी पड़ती हैं"
.
धमकाने वाली माँ
"आने दो पापा को,,आज तुम्हारी शिकायत करुँगी"
.
जिम्मेदारी वाली माँ-
"जब मैं तुम्हारे उम्र की थी तब से घर की सारी जिम्मेदारी मुझपर थी और उसे मैं अच्छे से संभालती थी
.
त्रिकालदर्शी माँ
"मुझे पहले से पता था की यही होगा और आगे भी यही होने वाला हैं"
.
भ्रमित माँ
"मैं इंसान हूँ की मशीन ?"
.
स्वार्थी माँ
"लंच में पराठे तम्हारे लिए दिए थे या तुम्हारे दोस्तों के लिए ?"
.
शक्की माँ
"10 में से 10 नं.. जरूर तुमने नक़ल की हैं":P
.
पर इन सब के बावजूद भी दुनिया में सबसे प्यारी हैं हमारी माँ...
Monday, April 22, 2013
(एक स्कूल की बच्ची के मासूम से सवाल अपनी माँ से )
मम्मी ...मम्मी, अब मुझे डर लगने लगा है...
मुझे डर लगने लगा है अब पड़ोस के हर अंकल और हर भैया से जब भी वो मुझे गोद में उठाते हैं, मेरे गाल सहलाते हैं, मेरा हाथ पकड़ते हैं...
अब मुझे डर लगने लगा है स्कूल बस के ड्राईवर से, हेल्पर से..
अब मुझे डर लगने लगा है पड़ोस के किराना दूकान वाले अंकल से, धोबी चाचा से, चौकीदार से...
अब मुझे डर लगने लगा है अपने स्कूल के टीचर से, प्रिंसिपल से..
अब तो डर लगने लगा है अपने स्कूल/ कॉलेज के दोस्त से भी..
अब मुझे डर लगने लगा है कभी कभी मामा से, चाचा से, फूफा से और...
और कभी कभी तो अब डर लगने लगा से पापा से भी...
अब तो डर लगने लगा है पार्क में खेलने से, स्कूल जाने से, बाज़ार में घुमने से, शाम को सहेली की जन्मदिन की पार्टी में जाने से...
मम्मी ...मम्मी, अब मुझे डर लगता है...
मम्मी , मेरी वो एक सहेली है ना, वो कुछ दिनों से स्कूल नहीं आ रही...
स्कूल में बाकि सहेलियां बता रही थी की ना वो बोलती है, ना खाती है, ना पीती है, ना खेलती है....बस रोती है और बस रोती ही रहती है ....सभी बोलते हैं की उसके साथ बहुत बुरा हुआ....
मम्मी, क्या मेरे साथ भी इतना बुरा हो सकता है ?
मम्मी ...मम्मी, अब मुझे डर लगने लगा है...
(एक स्कूल की बच्ची के मासूम से सवाल अपनी माँ से )
मुझे डर लगने लगा है अब पड़ोस के हर अंकल और हर भैया से जब भी वो मुझे गोद में उठाते हैं, मेरे गाल सहलाते हैं, मेरा हाथ पकड़ते हैं...
अब मुझे डर लगने लगा है स्कूल बस के ड्राईवर से, हेल्पर से..
अब मुझे डर लगने लगा है पड़ोस के किराना दूकान वाले अंकल से, धोबी चाचा से, चौकीदार से...
अब मुझे डर लगने लगा है अपने स्कूल के टीचर से, प्रिंसिपल से..
अब तो डर लगने लगा है अपने स्कूल/ कॉलेज के दोस्त से भी..
अब मुझे डर लगने लगा है कभी कभी मामा से, चाचा से, फूफा से और...
और कभी कभी तो अब डर लगने लगा से पापा से भी...
अब तो डर लगने लगा है पार्क में खेलने से, स्कूल जाने से, बाज़ार में घुमने से, शाम को सहेली की जन्मदिन की पार्टी में जाने से...
मम्मी ...मम्मी, अब मुझे डर लगता है...
मम्मी , मेरी वो एक सहेली है ना, वो कुछ दिनों से स्कूल नहीं आ रही...
स्कूल में बाकि सहेलियां बता रही थी की ना वो बोलती है, ना खाती है, ना पीती है, ना खेलती है....बस रोती है और बस रोती ही रहती है ....सभी बोलते हैं की उसके साथ बहुत बुरा हुआ....
मम्मी, क्या मेरे साथ भी इतना बुरा हो सकता है ?
मम्मी ...मम्मी, अब मुझे डर लगने लगा है...
(एक स्कूल की बच्ची के मासूम से सवाल अपनी माँ से )
हमारा देश पीछे क्योँ है
हमारा देश पीछे क्योँ है
1. कैटरीना और आलिया भट्ट का फोटो 1घंटे मेँ 1000 लाईक पाता है और हमारे शहीद 1 दिन मेँ 50
2. क्रिकेटर के शतक और अभिनेताओ के बुखार के लिए लोग दुआ करते हैँ पर हमारे अन्न दाता मरते हुए किसान के लिए कोई नही
3. युवा अपनी अय्याशी मेँ लगे हैँ और बुडढे देश चला रहे हैँ
4. अध्यापक जो कक्षा मेँ बैठकर पढ़ाता है और अपने परिवार के साथ रहता है 40,000 पाता है और देश के रक्षक सैनिक हर मौसम मेँ सीमा पर अपने घर से 10 माह दूर होकर 20,000 पाते हैँ
5. देश और समाज की बातेँ करने वाले बेवकूफ लगते हैँ और रोडिज और बिगबास की बात करने वाला चलाक
6. प्यार, मोहब्बत और शायरी वाले स्टेटस पर लोग आँख बंद करके लाईक दबाते हैँ पर देश और समाज की बातोँ को पढ़कर भी लोग मुँह फिरा लेते हैँ
कारण तो बहुत हैँ पर मैँ पाँच ही लिख रहा हूँ !!
1. कैटरीना और आलिया भट्ट का फोटो 1घंटे मेँ 1000 लाईक पाता है और हमारे शहीद 1 दिन मेँ 50
2. क्रिकेटर के शतक और अभिनेताओ के बुखार के लिए लोग दुआ करते हैँ पर हमारे अन्न दाता मरते हुए किसान के लिए कोई नही
3. युवा अपनी अय्याशी मेँ लगे हैँ और बुडढे देश चला रहे हैँ
4. अध्यापक जो कक्षा मेँ बैठकर पढ़ाता है और अपने परिवार के साथ रहता है 40,000 पाता है और देश के रक्षक सैनिक हर मौसम मेँ सीमा पर अपने घर से 10 माह दूर होकर 20,000 पाते हैँ
5. देश और समाज की बातेँ करने वाले बेवकूफ लगते हैँ और रोडिज और बिगबास की बात करने वाला चलाक
6. प्यार, मोहब्बत और शायरी वाले स्टेटस पर लोग आँख बंद करके लाईक दबाते हैँ पर देश और समाज की बातोँ को पढ़कर भी लोग मुँह फिरा लेते हैँ
कारण तो बहुत हैँ पर मैँ पाँच ही लिख रहा हूँ !!
में साधु कौन है और धोबी कौन है??"
एक साधु नदी किनारे, एक धोबी के कपड़े धोने के पत्थर पर खड़े होकर ध्यान कर रहा था।
जब धोबी वहां कपड़े धोने के लिए पहुंचा तो साधु को ध्यानमग्न देखकर वह उसके पत्थर से हटने का रास्ता देखने लगा।
सुबह से दोपहर हो गई, पर साधु नहीं हटा। इस पर धोबी ने साधु से निवेदन किया कि वे पत्थर से हट जाएं, पर साधु ने उस पर ध्यान नहीं दिया। कुछ देर बाद फिर उसने कहा, पर साधु ने ध्यान नहीं दिया। इस पर धोबी ने साधु का हाथ पकड़ा और पत्थर से एक तरफ हटा दिया।
धोबी द्वारा हाथ पकड़े जाने में साधु को अपना अपमान नजर आया और उसने धोबी को धक्का दे दिया। इस पर धोबी को क्रोध आ गया और उसने भी साधु को उठाकर पटक दिया।
धोबी के इस जवाबी हमले से घबराकर साधु भगवान से प्रार्थना करने लगा, "हे भगवान, मैं रोज आपकी पूजा करता हूं, फिर भी आप मुझे इससे बचाते क्यों नहीं हो ?"
जवाब में साधु ने आकाशवाणी सुनी, "बचाना तो चाहते हैं, पर समझ नहीं आ रहा है कि दोनों में साधु कौन है और धोबी कौन है??"
जब धोबी वहां कपड़े धोने के लिए पहुंचा तो साधु को ध्यानमग्न देखकर वह उसके पत्थर से हटने का रास्ता देखने लगा।
सुबह से दोपहर हो गई, पर साधु नहीं हटा। इस पर धोबी ने साधु से निवेदन किया कि वे पत्थर से हट जाएं, पर साधु ने उस पर ध्यान नहीं दिया। कुछ देर बाद फिर उसने कहा, पर साधु ने ध्यान नहीं दिया। इस पर धोबी ने साधु का हाथ पकड़ा और पत्थर से एक तरफ हटा दिया।
धोबी द्वारा हाथ पकड़े जाने में साधु को अपना अपमान नजर आया और उसने धोबी को धक्का दे दिया। इस पर धोबी को क्रोध आ गया और उसने भी साधु को उठाकर पटक दिया।
धोबी के इस जवाबी हमले से घबराकर साधु भगवान से प्रार्थना करने लगा, "हे भगवान, मैं रोज आपकी पूजा करता हूं, फिर भी आप मुझे इससे बचाते क्यों नहीं हो ?"
जवाब में साधु ने आकाशवाणी सुनी, "बचाना तो चाहते हैं, पर समझ नहीं आ रहा है कि दोनों में साधु कौन है और धोबी कौन है??"
Punishment for Rape:
Punishment for Rape: 1) UAE- Instant Death Penalty within 7 days hanging. 2) Iran- Instant Stoned to death/hanging with 24 hrs. 3) Afghanistan - Instant death by bullet on head within 4 days . 4) China - No Trial, Medical proved rape then Death Penalty. 5) Malaysia - Death Penalty. 6) Mangolia - Death as revenge by family. 7) Iraq - Death by stone till last breath. 8) Taliban - Limbs/ Legs/ Balls All Cut Off,&then stoned&then shot. 9) Poland - Death thrown to Pigs . 10) INDIA Compromise, Thinking, Trial, Bribe of 2 thousand, Abuse & Embarrassment NO ACTION.. Even d girl dies still no charge sheet filed. country gets in protest still the PM speaks in english... look at all these countries and learn something.
Like if u agree with me!!!
Like if u agree with me!!!
चट्टान
एक किसान था. वह एक बड़े से खेत में खेती किया करता था. उस खेत के बीचो-बीच पत्थर का एक हिस्सा ज़मीन से ऊपर निकला हुआ था जिससे ठोकर खाकर वह कई बार गिर चुका था और ना जाने कितनी ही बार उससे टकराकर खेती के औजार भी टूट चुके थे.
रोजाना की तरह आज भी वह सुबह-सुबह खेती करने पहुंचा पर जो सालों से होता आ रहा था एक वही हुआ , एक बार फिर किसान का हल पत्थर से टकराकर टूट गया.
किसान बिल्कुल क्रोधित हो उठा , और उसने मन ही मन सोचा की आज जो भी हो जाए वह इस चट्टान को ज़मीन से निकाल कर इस खेत के बाहर फ़ेंक देगा.
वह तुरंत भागा और गाँव से ४-५ लोगों को बुला लाया और सभी को लेकर वह उस पत्त्थर के पास पहुंचा .
” मित्रों “, किसान बोला , ” ये देखो ज़मीन से निकले चट्टान के इस हिस्से ने मेरा बहुत नुक्सान किया है, और आज हम सभी को मिलकर इसे जड़ से निकालना है और खेत के बाहर फ़ेंक देना है.”
और ऐसा कहते ही वह फावड़े से पत्थर के किनार वार करने लगा, पर ये क्या ! अभी उसने एक-दो बार ही मारा था की पूरा-का पूरा पत्थर ज़मीन से बाहर निकल आया. साथ खड़े लोग भी अचरज में पड़ गए और उन्ही में से एक ने हँसते हुए पूछा ,” क्यों भाई , तुम तो कहते थे कि तुम्हारे खेत के बीच में एक बड़ी सी चट्टान दबी हुई है , पर ये तो एक मामूली सा पत्थर निकला ??”
किसान भी आश्चर्य में पड़ गया सालों से जिसे वह एक भारी-भरकम चट्टान समझ रहा था दरअसल वह बस एक छोटा सा पत्थर था !! उसे पछतावा हुआ कि काश उसने पहले ही इसे निकालने का प्रयास किया होता तो ना उसे इतना नुक्सान उठाना पड़ता और ना ही दोस्तों के सामने उसका मज़ाक बनता Friends, इस किसान की तरह ही हम भी कई बार ज़िन्दगी में आने वाली छोटी-छोटी बाधाओं को बहुत बड़ा समझ लेते हैं और उनसे निपटने की बजाये तकलीफ उठाते रहते हैं. ज़रुरत इस बात की है कि हम बिना समय गंवाएं उन मुसीबतों से लडें , और जब हम ऐसा करेंगे तो कुछ ही समय में चट्टान सी दिखने वाली समस्या एक छोटे से पत्थर के समान दिखने लगेगी जिसे हम आसानी से ठोकर मार कर आगे बढ़ सकते हैं.
रोजाना की तरह आज भी वह सुबह-सुबह खेती करने पहुंचा पर जो सालों से होता आ रहा था एक वही हुआ , एक बार फिर किसान का हल पत्थर से टकराकर टूट गया.
किसान बिल्कुल क्रोधित हो उठा , और उसने मन ही मन सोचा की आज जो भी हो जाए वह इस चट्टान को ज़मीन से निकाल कर इस खेत के बाहर फ़ेंक देगा.
वह तुरंत भागा और गाँव से ४-५ लोगों को बुला लाया और सभी को लेकर वह उस पत्त्थर के पास पहुंचा .
” मित्रों “, किसान बोला , ” ये देखो ज़मीन से निकले चट्टान के इस हिस्से ने मेरा बहुत नुक्सान किया है, और आज हम सभी को मिलकर इसे जड़ से निकालना है और खेत के बाहर फ़ेंक देना है.”
और ऐसा कहते ही वह फावड़े से पत्थर के किनार वार करने लगा, पर ये क्या ! अभी उसने एक-दो बार ही मारा था की पूरा-का पूरा पत्थर ज़मीन से बाहर निकल आया. साथ खड़े लोग भी अचरज में पड़ गए और उन्ही में से एक ने हँसते हुए पूछा ,” क्यों भाई , तुम तो कहते थे कि तुम्हारे खेत के बीच में एक बड़ी सी चट्टान दबी हुई है , पर ये तो एक मामूली सा पत्थर निकला ??”
किसान भी आश्चर्य में पड़ गया सालों से जिसे वह एक भारी-भरकम चट्टान समझ रहा था दरअसल वह बस एक छोटा सा पत्थर था !! उसे पछतावा हुआ कि काश उसने पहले ही इसे निकालने का प्रयास किया होता तो ना उसे इतना नुक्सान उठाना पड़ता और ना ही दोस्तों के सामने उसका मज़ाक बनता Friends, इस किसान की तरह ही हम भी कई बार ज़िन्दगी में आने वाली छोटी-छोटी बाधाओं को बहुत बड़ा समझ लेते हैं और उनसे निपटने की बजाये तकलीफ उठाते रहते हैं. ज़रुरत इस बात की है कि हम बिना समय गंवाएं उन मुसीबतों से लडें , और जब हम ऐसा करेंगे तो कुछ ही समय में चट्टान सी दिखने वाली समस्या एक छोटे से पत्थर के समान दिखने लगेगी जिसे हम आसानी से ठोकर मार कर आगे बढ़ सकते हैं.
मूर्ख से पाला पड़े तो .....
मूर्ख से पाला पड़े तो .....
अकबर बादशाह के समय में बीरबल प्रधानमंत्री थे | एक दिन बादशाह ने बीरबल को बुलाया और कहने लगे कि बीरबल तुम इतने होशियार हो तो तुम्हारे वालिद तो तुमसे भी ज्यादा अक्लमंद होंगे | मैं उनसे मिलना चाहता हूं | बीरबल ने कहा कि सरकार वह देहात के रहने वाले सीधे साधे हैं | किंतु बादशाह ने कहा कि मेरी बड़ी इच्छा है कि उनके दर्शन करूं | बीरबल ने बादशाह का मतलब समझ लिया और बोला कि अच्छी बात है | कुछ दिनों बाद उसने समाचार भेजकर अपने पिता को बुलाया | उनके लिये बहुत ही सुन्दर पोशाक बनवाया और समझाया कि पिता जी - बादशाह आपसे मिलना चाहता है | आप जब दरबार में जाइऐगा तो बादशाह को सलाम करके बैठ जाएयेगा | बादशाह आपसे कुछ भी पूछे – कोई उत्तर न दीजिएगा |
एक दिन बीरबल के पिता जी खूब सज धज कर दरबार में पहुंचे | बादशाह को खबर की गई कि बीरबल के पिता जी आये हैं | बादशाह थोड़ी देर में आया | उसे देखकर बीरबल के पिता जी ने सलाम किया और बैठ गए | बादशाह ने पूछा कि आप बीरबल के पिता हैं | पिताजी चुप थे | उसने फिर पूछा कि आप का नाम क्या है | वे अब भी चुप रहे और कुछ नहीं बोले | आगे बादशाह ने पूछा कि गाँव की खेती इस साल कैसी है ? पिता जी चुप रहे |
बादशाह ने दर्जनों सवाल किये किन्तु बीरबल के पिता ने जबान तक नहीं हिलाई | बादशाह खीज उठा और यह कहते हुए अन्दर चला गया कि किस मुर्ख से आज पाला पड़ा |
बादशाह के जाने के बाद बीरबल के पिता जी भी उठकर घर चले आये और उन्होंने बीरबल से सारी बातें बता दी | बीरबल ने कहा कि ठीक है | चार दिन बाद बीरबल दरबार पहुंचे तो अकबर बादशाह ने कहा अरे बीरबल सुनो तुमसे एक जरुरी बात करनी है | बीरबल करीब आये तो बादशाह ने कहा कि बीरबल - “यदि मूर्खों से पाला पड़ जाय तो क्या करना चाहिए”
इस पर बीरबल तपाक से बोल पड़ा कि ‘हुजूर, सरकार चुप्प रहना चाहिए’.
यह सुनकर बादशाह की आँखें नीची हो गयी।
अकबर बादशाह के समय में बीरबल प्रधानमंत्री थे | एक दिन बादशाह ने बीरबल को बुलाया और कहने लगे कि बीरबल तुम इतने होशियार हो तो तुम्हारे वालिद तो तुमसे भी ज्यादा अक्लमंद होंगे | मैं उनसे मिलना चाहता हूं | बीरबल ने कहा कि सरकार वह देहात के रहने वाले सीधे साधे हैं | किंतु बादशाह ने कहा कि मेरी बड़ी इच्छा है कि उनके दर्शन करूं | बीरबल ने बादशाह का मतलब समझ लिया और बोला कि अच्छी बात है | कुछ दिनों बाद उसने समाचार भेजकर अपने पिता को बुलाया | उनके लिये बहुत ही सुन्दर पोशाक बनवाया और समझाया कि पिता जी - बादशाह आपसे मिलना चाहता है | आप जब दरबार में जाइऐगा तो बादशाह को सलाम करके बैठ जाएयेगा | बादशाह आपसे कुछ भी पूछे – कोई उत्तर न दीजिएगा |
एक दिन बीरबल के पिता जी खूब सज धज कर दरबार में पहुंचे | बादशाह को खबर की गई कि बीरबल के पिता जी आये हैं | बादशाह थोड़ी देर में आया | उसे देखकर बीरबल के पिता जी ने सलाम किया और बैठ गए | बादशाह ने पूछा कि आप बीरबल के पिता हैं | पिताजी चुप थे | उसने फिर पूछा कि आप का नाम क्या है | वे अब भी चुप रहे और कुछ नहीं बोले | आगे बादशाह ने पूछा कि गाँव की खेती इस साल कैसी है ? पिता जी चुप रहे |
बादशाह ने दर्जनों सवाल किये किन्तु बीरबल के पिता ने जबान तक नहीं हिलाई | बादशाह खीज उठा और यह कहते हुए अन्दर चला गया कि किस मुर्ख से आज पाला पड़ा |
बादशाह के जाने के बाद बीरबल के पिता जी भी उठकर घर चले आये और उन्होंने बीरबल से सारी बातें बता दी | बीरबल ने कहा कि ठीक है | चार दिन बाद बीरबल दरबार पहुंचे तो अकबर बादशाह ने कहा अरे बीरबल सुनो तुमसे एक जरुरी बात करनी है | बीरबल करीब आये तो बादशाह ने कहा कि बीरबल - “यदि मूर्खों से पाला पड़ जाय तो क्या करना चाहिए”
इस पर बीरबल तपाक से बोल पड़ा कि ‘हुजूर, सरकार चुप्प रहना चाहिए’.
यह सुनकर बादशाह की आँखें नीची हो गयी।
Sunday, April 21, 2013
LESSON:
LESSON:
Hazrat Ali radi Allah Farmate He Ke
Me Puri Zindagi Me Sirf Ek Raat Sakoon Se Soya Hu
Pucha Gaya Ke Konsi Raat?????
Hazrat Ali Ne Farmaya Ke
Hijrat Ke Waqt Rasul Allah Sallallaho Alayhi Wasllam Ne Mujhe Farmaya Ke
Ali Mere Bistar Par So Jao or
Kal Subah Logo Ki Amaanate Wapis Kar Ke Madina Aa Jana
Me Us Raat Sakoon Se Soya Tha Ke
Me Subah Zinda Rahunnga
So Dosto Sahaba Mout Ko Kitna Yaad Karte The
Isi Liye Un Ki Zindagi Me Allah Ne Khub Barkate Ata Ki
Allah Hame Bhi Kasrat Se Mout Ko Yaad Karne Wala Banaye
AAMIN SUMMA AAMIN
LESSON:
Hazrat Ali radi Allah Farmate He Ke
Me Puri Zindagi Me Sirf Ek Raat Sakoon Se Soya Hu
Pucha Gaya Ke Konsi Raat?????
Hazrat Ali Ne Farmaya Ke
Hijrat Ke Waqt Rasul Allah Sallallaho Alayhi Wasllam Ne Mujhe Farmaya Ke
Ali Mere Bistar Par So Jao or
Kal Subah Logo Ki Amaanate Wapis Kar Ke Madina Aa Jana
Me Us Raat Sakoon Se Soya Tha Ke
Me Subah Zinda Rahunnga
So Dosto Sahaba Mout Ko Kitna Yaad Karte The
Isi Liye Un Ki Zindagi Me Allah Ne Khub Barkate Ata Ki
Allah Hame Bhi Kasrat Se Mout Ko Yaad Karne Wala Banaye
AAMIN SUMMA AAMIN
Hazrat Ali radi Allah Farmate He Ke
Me Puri Zindagi Me Sirf Ek Raat Sakoon Se Soya Hu
Pucha Gaya Ke Konsi Raat?????
Hazrat Ali Ne Farmaya Ke
Hijrat Ke Waqt Rasul Allah Sallallaho Alayhi Wasllam Ne Mujhe Farmaya Ke
Ali Mere Bistar Par So Jao or
Kal Subah Logo Ki Amaanate Wapis Kar Ke Madina Aa Jana
Me Us Raat Sakoon Se Soya Tha Ke
Me Subah Zinda Rahunnga
So Dosto Sahaba Mout Ko Kitna Yaad Karte The
Isi Liye Un Ki Zindagi Me Allah Ne Khub Barkate Ata Ki
Allah Hame Bhi Kasrat Se Mout Ko Yaad Karne Wala Banaye
AAMIN SUMMA AAMIN
अभी
थोड़ी देर पहले ही दिल्ली के गांधी नगर में एक पांच साल की मासूम बच्ची के
साथ निर्ममता से दुष्कर्म करने के आरोपी "मनोज" को मुज़फ्फर पुर से दिल्ली
लाया गया| आम आदमी की रक्षा करने की शपत लेने वाली पुलिस आरोपी की सुरक्षा
को लेकर कुछ ज्यादा ही गंभीर दिखी| दिल्ली हवाई अड्डे को छावनी में तब्दील
कर दिया गया|
जब आरोपी को बाहर लाया गया तो पुलिस ने उसके
घिनौने चहरे पर पर्दा चढ़ा रखा था| जिस हैवान का चहरा पूरी दुनिया देखना
चाहती है उस के चहरे पर पर्दा डाल कर उस के द्वारा किये गए घिनोने अपराध पर
पर्दा नहीं डाला जा सकता|
दिल्ली पुलिस और इस सत्ता से अब हमें
कोई आशा नहीं है, अगर दिल्ली और देश में अपराधी कानून व्यवस्था का यूँ ही
दिन दहाड़े बलात्कार करते रहे तो वो दिन दूर नहीं जब जनता खुद दोषियों को
सजा देने के लिए मजबूर हो जाएगी
जब आरोपी को बाहर लाया गया तो पुलिस ने उसके घिनौने चहरे पर पर्दा चढ़ा रखा था| जिस हैवान का चहरा पूरी दुनिया देखना चाहती है उस के चहरे पर पर्दा डाल कर उस के द्वारा किये गए घिनोने अपराध पर पर्दा नहीं डाला जा सकता|
दिल्ली पुलिस और इस सत्ता से अब हमें कोई आशा नहीं है, अगर दिल्ली और देश में अपराधी कानून व्यवस्था का यूँ ही दिन दहाड़े बलात्कार करते रहे तो वो दिन दूर नहीं जब जनता खुद दोषियों को सजा देने के लिए मजबूर हो जाएगी
निकलो न घर से, तुम महफूज़ नहीं हो
निकलो न घर से, तुम महफूज़ नहीं हो
इन चंद दीवारों में अब, तुम महफूज़ नहीं हो
छु कर तेरे तन को, कुरेदते हैं मन को
सांस भी न लो, के तुम महफूज़ नहीं हो
बचपन के खेल , गलियों के मेल
रहने दो दिल में ही, के तुम महफूज़ नहीं हो
छुपा लो ये मासूमियत , आहट नहो जीने की
घूमते हैं भेडिये, तुम अब, महफूज़ नहीं हो
न कर सवाल कोई, बेआबरू हैं खुदा भी
क्या कहू, दोज़ख के किस्से
जब जन्नत में तुम महफूज़ नहीं हो
डरी सहमी अस्मते, बिखरी हुई हसरते
कैसे करे यकीन
बाप का साया, राखी का धागा
दागदार हैं हर कोई यहाँ
माँ की कोख में भी तुम महफूज़ नहीं हो,
रूह के धागे थे, जिस्म से बंधे थे
छोड़ दो अब ये बंदिशें,
जाने दो ज़िन्दगी की कश-म-कश,
अब तुम महफूज़ नहीं हो
ले चलूँ, पर कहाँ छुपाऊँ तुम्हे
अब इस खुदाई में तुम महफूज़ नहीं हो.
सफलता का रहस्य !
सफलता का रहस्य !
एक बार एक नौजवान लड़के ने सुकरात से पूछा कि सफलता का रहस्य क्या है?
सुकरात ने उस लड़के से कहा कि तुम कल मुझे नदी के किनारे मिलो.वो मिले.
फिर सुकरात ने नौजवान से उनके साथ नदी की तरफ बढ़ने को कहा.और जब आगे
बढ़ते-बढ़ते पानी गले तक पहुँच गया, तभी अचानक सुकरात ने उस लड़के का सर
पकड़ के पानी में डुबो दिया. लड़का बाहर निकलने के लिए संघर्ष करने लगा ,
लेकिन सुकरात ताकतवर थे और उसे तब तक डुबोये रखे जब तक की वो नीला नहीं
पड़ने लगा. फिर सुकरात ने उसका सर पानी से बाहर निकाल दिया और बाहर निकलते
ही जो चीज उस लड़के ने सबसे पहले की वो थी हाँफते-हाँफते तेजी से सांस
लेना.
सुकरात ने पूछा ,” जब तुम वहाँ थे तो तुम सबसे ज्यादा क्या चाहते थे?”
लड़के ने उत्तर दिया,”सांस लेना”
सुकरात ने कहा,” यही सफलता का रहस्य है. जब तुम सफलता को उतनी ही बुरी तरह
से चाहोगे जितना की तुम सांस लेना चाहते थे तो वो तुम्हे मिल जाएगी” इसके
अलावा इसका और कोई रहस्य नहीं है.
हैवानो
अरे शर्म करो हैवानो नवरात्रि जैसे दिनों में देवी को पूजते हो,
और बेटियों के साथ हैंवानियत करते हो.
क्यों भूल जाते हो की नारी की कोख जन्म लेते हो
उसी नारी को सम्मान तुम नही दे सकते
लेकिन हेवानियत पर जरुर उतर आते हो
हैंवानो आज तुम जैसे नामर्दों के कारण बेटियों की
संख्या हिंदुस्तान में कम होती जा रही हे
कौन नारी चाहेगी फिर बेटी को जन्म देना
उनका हर पल पल डर के साये में बीतता हैं
हे ! हैवानो तुम क्या जानो बेटी को पालना
और बेटी बनकर जीना कितना मुस्किल हैं
कैसे झेला होगा तूने वो दर्द
कैसे झेला होगा तूने वो दर्द
रोई होगी कितना चिल्लाई होगी
डर कर माँ को पुकारा होगा
पापा तो सुपरमैन है
ये भरोसा भी होगा
कभी शरारत न करने की कसम खाई होगी
अंकल को सॉरी भी बोला होगा
ये कैसी सजा है समझ न पाई होगी
गिडगिडाना भी तेरे काम न आया होगा
माफ़ करना ऐ बिटिया हम कुछ कर न पाए
पूज के तुझे हम हुए जिम्मेदारियों से मुक्त
छोड़ दिया तुझे पंजे में वहशी के ..
कैसे सुनाऊ तुम्हे परियो की कहानी वो राजा वो रानी वो बातें पुरानी!!
तुझे क्या दुआ दू ऐ नन्ही कली तू खिल भी न पाई थी कि मसल दी गई जालिम हाथो से...
"स्वार्थ का बोझ"
"स्वार्थ का बोझ"
--------------------------
एक आदमी अपने सिर पर अपने खाने के लिए अनाज की गठरी ले कर जा रहा था।
दूसरे आदमी के सिर पर उससे चार गुनी बड़ी गठरी थी।
लेकिन पहला आदमी गठरी के बोझ से दबा जा रहा था, जबकि दूसरा मस्ती से गीत गाता जा रहा था।
पहले ने दूसरे से पूछा, "क्योंजी! क्या आपको बोझ नहीं लगता?"
दूसरे वाले ने कहा, "तुम्हारे सिर पर अपने खाने का बोझ है,
मेरे सिर पर परिवार को खिलाकर खाने का।
स्वार्थ के बोझ से स्नेह समर्पण का बोझ सदैव हल्का होता है।"
एक कुत्ता था
एक कुत्ता था , अपने मालिक के प्रति काफी वफादार था , उस कुत्ते
को उसका मालिक काफी चाहता था । समय के साथ उस कुत्ते का कुत्तत्व बढता गया,
किन्तु उसे अपने कर्तव्य का बोध बना रहा , उसकी वफादारी बनी रही ,
आस पास के दूसरे कुत्ते जो अपने कैरियर से
संतुष्ट नहीं थे हमेशा उसी कुत्ते जैसा बनना चाहते थे ,
इस प्रकार वह कुत्ता अपने समाज में एक आदर्श कुत्ते के रूप में जाना जाने लगा .
समय के साथ उस कुत्ते
का अंतसमय आया तो भगवान प्रकट हुए ...
और कहा कि ... कुत्तेतुम्हारे कुत्तत्व पर हम
प्रसन्न हैं अतएव आप हमसे कोई बरदान
मांगिये .
कुत्ता .... अगले जनम मोहे
कुत्ता ही कीजो !
भगवान ... एक टेक्नीकल
प्रॉब्लम है , हम लगातार दो जन्म एक ही योनि नहीं दे सकते इसलिए कोई
दूसरा बरदान मांगो !
कुत्ता .... मुझे अगले जनम नेता बना दो
भगवान ... तुम फिर मुझे
धर्म संकट में डाल रहे हो , लगातार दो जन्म एक योनि नहीं दी जा सकती ।
Friday, April 19, 2013
बस अब तो चीखें भी ठंडी पड़ने लगीं मेरी,
बस अब तो चीखें भी ठंडी पड़ने लगीं मेरी,
पर ये रूह तेरी क्यूँ मचलती नहीं,
पल-पल लुटती है आबरू मेरी यहाँ,
ऐ-ख़ुदा, ये सब देखकर भी तेरी आँख क्यूँ खुलती नहीं .... !!
जब भी लड़कियों के लिए कोई आर्टिकल लिखो, या उनके साथ हो रहे अत्याचारों के
खिलाफ कोई बात कहो तो लोग बोलते हैं ... करदी नेतागिरी शुरू ... क्या कोई
और विषय नहीं बचा ... क्या देश में और कोई समस्या नहीं बची ... लेकिन जब हर
2 दिन में कभी 5 साल कि बच्ची के साथ तो कभी हॉस्पिटल में इलाज़ करने आई
माँ से साथ बलात्कार होता है तो सब बस उसे एक नई सुर्खी समझकर अख़बारों के
पन्ने पलटते या टीवी पर न्यूज़ चैनल बदलते नज़र आते हैं .... !! ज्यादा से
ज्यादा अपनी बेटी कि सुरक्षा उसे घर से ना निकलने देकर और बड़ा देते हैं ...
!! लेकिन क्या आपको सच में लगता है कि यही सही तरीका है ??
ओहह
तब शायद वो सभी लोग देश कि बाकि समस्यायों से जूझने में व्यस्त होते होंगे
.... क्योंकि अपनी बेटी के साथ थोड़ी हुआ है .... और दूसरे का दर्द देखना अब
हम भारतीयों कि आदत नहीं (महज़ चंद लोगों को छोड़कर)!!
दामिनी के
लिए कितने लोग सड़कों पर आये थे लेकिन आखिर में क्या हुआ मुजरिम नाबालिक है
कह कर किस्सा लगभग ख़त्म .... और आज जो हुआ एक मासूम 5 साल की बच्ची के साथ
... ?? उससे भी ज्यादा बेशर्मी की बात तो ये है कि पुलिस उस केस को मात्र
2000 रुपये देकर बंद कराना चाहती थी। जब बात बढ़ी और जनता भड़की और कुछ
लड़कियों ने पुलिस पर उंगली उठाकर चिल्ला चोंट की तो एक पुलिस वाले ने उसे
थप्पड़ जड़ दिया ... ?? क्या यही काम है हमारी सो कॉल्ड सेवा करने वाली पुलिस
का ... ??
और इस तरह के केस सिर्फ दिल्ली में ही नहीं बल्कि पूरे
भारत में सामने आ रहे हैं .... लेकिन ध्यान देकर देखा जाए तो क्या किसी भी
केस का अंत वैसा होता है जैसा होना चाहिए ??? क्या किसी भी आरोपी को एसी
सजा मिलती है जिससे डर कर कोई नया आरोपी खड़ा ना हो ??
अफ़सोस कि
हमारे देश में सज़ा का मतलब सिर्फ आरोपी को मुलजिम बनाकर उसके खिलाफ 376
धारा लगाकर एक नयी फाइल बनाने तक ही सीमित रह गया है .... !! काश WednesDay
Film में जो रोल नशरुद्दीन शाह ने निभाया है असल ज़िन्दगी में भी कोई इन
नामर्दों के खिलाफ ऐसा ही किरदार निभाये ....!!
Thursday, April 18, 2013
माँ की दवाई का खर्चा, उसे मज़बूरी लगता है
माँ की दवाई का खर्चा, उसे मज़बूरी लगता है
उसे सिगरेट का धुंआ, जरुरी लगता है ||
फिजूल में रबड़ता , दोस्तों के साथ इधर-उधर
बगल के कमरे में, माँ से मिलना,
मीलों की दुरी लगता है ||
वो घंटों लगा रहता है, फेसबुक पे अजनबियों से
बतियाने में
अब माँ का हाल जानना, उसे चोरी लगता है ||
खून की कमी से रोज मरती, बेबस लाचार माँ
वो दोस्तों के लिए, शराब की बोतल,
पूरी रखता है ||
वो बड़ी कार में घूमता है , लोग उसे रहीस कहते है
पर बड़े मकान में , माँ के लिए जगह
थोड़ी रखता है ||
माँ के चरण देखे , एक अरसा बीता उसका …
अब उसे बीवी का दर, श्रद्धा सबुरी लगता है
"जिँदगी मेँ दोस्त नही बल्कि दोस्त मेँ जिँदगी होनी चाहिए"
क्या शीर्षक होने चाहिए इस कहानी का?
एक दोस्त ने नया मोबाइल खरीदा..!!
राहुल : देख, राकेश मैने नया मोबाइल खरीदा..!!
राकेश : वाह.. क्या बात है, बंदा तेजी मेँ है.. आज पार्टी तो देनी पडेगी तुझे..!
अगर पार्टी देगा तो मैँ भी तुझे एक Gift दुँगा..!
राहुल : OK चल ठीक है आज रात को Hotel मेँ पार्टी मेरी तरफ से..
(रात को दोनो Hotel मेँ मिलते है)
राकेश : अरे यार तु इतना गरीब है,
एक-एक रुपया इकठ्ठा करके मोबाइल खरीदा और अब पार्टी का इंतजाम कैसे किया..?
राहुल : पार्टी के लिए मोबाइल बेच दिया.. तेरे लिए तो जान भी दे दु तु कहे तो...!
राकेश : मुझे पता था तु साला ऐसा ही कुछ करेगा... इसलिए तुने जिस दुकान पर मोबाइल बेचा मैने वही से वापस खरीद कर
लाया हु... ले यह मेरी तरफ से "GIFT"
मोरल : "जिँदगी मेँ दोस्त नही बल्कि दोस्त मेँ जिँदगी होनी चाहिए"
Wednesday, April 17, 2013
वे तो मैंने रूमाल बेच बेच कर इकठ्ठे किये है!
एक दंपत्ति की शादी को साठ वर्ष हो चुके थे। उनकी आपसी समझ इतनी अच्छी थी कि इन साठ वषरें में उनमें कभी झगड़ा तक नहीं हुआ।
वे एक दूजे से कभी कुछ भी छिपाते नहीं थे।
हां, पत्नी के पास उसके मायके से लाया हुआ एक डिब्बा था जो उसने अपने पति के सामने कभी खोला नहीं था।
उस डिब्बे में क्या है वह नहीं जानता था। कभी उसने जानने की कोशिश भी की तो पत्नी ने यह कह कर टाल दिया0
कि सही समय आने पर बता दूंगी।
आखिर एक दिन बुढि़या बहुत बीमार हो गई और उसके बचने की आशा न रही। उसके पति को तभी खयालआया कि उस डिब्बे का रहस्य जाना जाये।
बुढि़या बताने को राजी हो गई। पति ने जब उस डिब्बे को खोला तो उसमें हाथ
से बुने हुये दो रूमाल और 50,000 रूपये निकले। उसने पत्नी से पूछा, यह सब
क्या है। पत्नी ने बताया कि
जब उसकी शादी हुई थी तो उसकी दादी मां
ने उससेकहा था कि ससुराल में कभी किसी से झगड़ना नहीं । यदि कभी किसी पर
क्रोध आये तो अपने हाथसे एक रूमाल बुनना और इस डिब्बे में रखना।
बूढ़े की आंखों में यह सोचकर खुशी के मारे आंसू आ गये
उसे अपनी पत्नी पर सचमुच गर्व हुआ।
खुद को संभाल कर उसने रूपयों के बारे में पूछा ।
इतनी बड़ी रकम तो उसने अपनी पत्नी को कभी दी ही नहीं थी,
फिर ये कहां से आये ?
रूपये ! वे तो मैंने रूमाल बेच बेच कर इकठ्ठे किये है!
Tuesday, April 16, 2013
एक घर के सामने सडक बन रही थी,
दोस्तों एक बार पढ़ जरूर लेना
एक घर के सामने सडक बन रही थी,
गरीब मजदूरिन वहाँ काम कर रही थी.
मजदूरिन के घर का सारा बोझ उसी पर
पडा था,
उसका नन्हा सा बच्चा साथ ही खडा था.
उसके घर के सारे बर्तन सूखे थे,
दो दिन से उसके बच्चे भूखे थे.
बच्चे की निगाह सामने के बँगले पर पडी,
देखी, घर की मालकिन, हाथ मे रोटी लिये
खडी.
बच्चे ने कातर दृष्टि मालकिन की तरफ
डाली,
लेकिन मालकिन ने रोटी, पालतू कुत्ते
की तरफ उछाली.
कुत्ते ने सूँघकर रोटी वहीं छोड दी,
और अपनी गर्दन दूसरी तरफ मोड दी!
कुत्ते का ध्यान, नही रोटी की तरफ
जरा था,
शायद उसका पेट पूरा भरा था!
ये देख कर बच्चा गया माँ के पास,
भूखे मन मे रोटी की लिये आस.
बोला- माँ! क्या रोटी मै उठा लूँ?
तू जो कहे तो वो मै खा लूँ?
माँ ने पहले तो बच्चे को मना किया,
बाद मे मन मे ये खयाल किया कि-
कुत्ता अगर भौंका तो मालिक उसे
दूसरी रोटी दे देगा,
मगर मेरा बच्चा रोया तो उसकी कौन
सुनेगा?
माँ के मन मे खूब हुई कशमकश,
लेकिन बच्चे की भूख के आगे वो थी बेबस.
माँ ने जैसे ही हाँ मे सिर हिलाया,
बच्चे ने दरवाजे की जाली मे हाथ घुसाया.
बच्चे ने डर से अपनी आँखों को भींचा,
और धीरे से रोटी को अपनी तरफ खींचा!
कुत्ता ये देखकर बिल्कुल नही चौंका!
चुपचाप देखता रहा! जरा भी नही भौंका!!
कुछ मनुष्यों ने
तो बेची सारी अपनी हया है,
लेकिन कुत्ते के मन मे अब भी शेष दया है…
IPL
एक बार पढ़ें जरूर... इस पर एक प्रतिक्रिया अवश्य चाहूँगा...
सूना है IPL के छक्के चौको में छोरियों के
दुपट्टे भी उड़ जाते है
शर्म क्लीन बोल्ड हो जाती है
काला धन boundary पार
विदेशी माल catch होता है देसी extra
बन रोता है
देश की समस्याए रन out तो
भ्रष्टाचार wide होता जाता है
गरीब के सपने नो बॉल
अमीर को free hit मिलता है
माना के पत्थर दिल झाम्पिक झपाक है और
पिच गिली-गिली है
पर महारष्ट्र का सूखा नेताओं का well
played शॉट बन जाता है
ये IPL है
चोट कोई भी हो खिलाड़ी सुपर-man बन
जाता है ।
हम आई पी एल का विरोध करते हैं
Sunday, April 14, 2013
एक कमेंट कि उम्मीद के साथ पोस्ट डाल रहा हूँ...
एक कमेंट कि उम्मीद के साथ पोस्ट डाल रहा हूँ...
अशोक भाई ने घर मेँ पैर रखा.... ‘सुनते हो ?'
आवाज सुनी अशोक भाई कि पत्नी हाथ मेँ पानी का ग्लास लेकर बाहर आयी.
"अपनी सोनल का रिश्ता आया है,
अच्छा भला ईज्जतदार सुखी परिवार है,
लडके का नाम युवराज है.
बैँक मे काम करता है.
बस सोनल हा कह दे तो सगाई कर देते है."
सोनल उनकी एका एक लडकी थी..
घर मेँ हमेशा आनंद का वातावरण रहता था.
हाँ कभी अशोक भाई सिगरेट
पान मसाले के कारण
उनकी पत्नी और सोनल के साथ बोल चाल हो जाती लेकिन
अशोक भाई मजाक मेँ निकाल देते.
सोनल खुब समझदार और संस्कारी थी.
S.S.C पास करके टयुशन,सिलाई काम करके पापा की मदद करने की कोशिश करती,
अब तो सोनल ग्रेजुएट हो गई थी
और नोकरी भी करती थी
लेकिन अशोक भाई उसकी पगार मेँ से एक रुपिया भी नही लेते थे...
और रोज कहते ‘बेटा यह पगार तेरे पास रख तेरे भविष्य मेँ तेरे काम आयेगी.’
दोनो घरो की सहमति से सोनल और
युवराज की सगाई कर दी गई और शादी का मुर्हत भी निकलवादिया.
अब शादी के 15 दिन और बाकी थे.
अशोक भाई ने सोनल को पास मेँ बिठाया और कहा
'बेटा तेरे ससुर से मेरी बात हुई...उन्होने कहा दहेज मेँ कुछ नही लेँगे, ना रुपये, ना गहने और नाही कोई चीज.
तो बेटा तेरे शादी के लिए मेँने कुछ रुपये जमा किए..
यह दो लाख रुपये मैँ तुझे देता हु...तेरे भविष्य मेँ काम आयेगे, तुतेरे खाते मे जमा करवा देना.'
‘OK PAPA’ - सोनल ने छोटा सा जवाब देकर अपने रुम मेँ चली गई.
समय को जाते कहा देर लगती है ?
शुभ दिन बारात आगंन आयी,
पँडित ने मेँ विवाह विधि शुरुकी
फेरे फिरने का समय आया....
कोयल जैसे टुहुकी हो एसे सोनल दो शब्दो मेँ बोली
‘रुको पडिण्त जी
मुझे आप सब की मोजुदगी मेँ मेरे पापा के साथ बात करनीहै,’
“पापा आप ने मुझे लाड प्यार से बडा किया,
पढाया,लिखाया खुब प्रेम दिया ईसका कर्ज तो चुका सकतीनही...
लेकिन युवराज और मेरे ससुर जी की सहमति से आपने दिया दो लाख रुपये का चेक मैँ वापस देती हु...
इन रुपयो से मेरी शादी के लिए किये हुए उधार वापस दे देना
और दुसरा चेक तीन लाख जो मैने अपनी पगार मेँ से बचत की है...
जब आप रिटायर होगेँ तब आपके काम आयेगेँ,
मैँ नही चाहती कि आप को बुढापे मेँ आपको किसी के आगे हाथ फैलाना पडे !
अगर मैँ आपका लडका होता तो इतना तो करता ना ? !!! "
वहाँ पर सभी की नजर सोनल पर थी...
“पापा अब मे आपसे मैँ जो दहेज मेँ माँगु वो दोगे ?हा बेटा", इतना ही बोल सके.
"तो पापा मुझे वचन दो
आज के बाद सिगरेट के हाथ नही लगाओ गे....
तबांकु, पान-मसाले का व्यसन आज से छोड दोगे.
सब की मोजुदगी मेँ दहेज मेँ बस इतना ही मांगती हु."
लडकी का बाप मना कैसे करता ?
शादी मे लडकी की विदाई समय कन्या पक्ष को रोते देखा होगा लेकिन
आज तो बारातियो कि आँखो मेँ आँसुओकी धारा निकल चुकी थी.
हर कोई दूर से सोनल को लक्ष्मी रुप मे देख रहा था....
??
लेकिन एक सवाल मेरे मन मेँ जरुर उठा,
“भ्रुण हत्या करने वाले सँस्कारीलोगो को सोनल जैसी लक्ष्मी मिलेगी क्या ???
___माँ तुम्हारी याद आती है___
___माँ तुम्हारी याद आती है___
कोई औरत जब थपकी से,
अपने बच्चे को सुलाती है!
खुद तो धूप सहती है,
बच्चे को आँचल ओढ़ाती है!
तो यह देख कर,
माँ तुम्हारी याद आती है!!
पालने में सोता सोता,
अचानक चौक के राये!
चूल्हे पे खाना जलता,
छोड़ के वो भागती है !!
मेरे लाल का चेहरा कहीं लाल न हो जाये,
रोते-रोते कहीं बेहाल न हो जाये!!
माँ अपने बच्चे को खिलोने से खिलाती है,
तो यह देख कर,माँ तुम्हारी याद आती है!!
जब परीक्षा के दिन चिंटू घबराता है,
किताब खोल के बस के पीछे भागता है!
माँ भाग कर उसे दही चीनी खिलाती है,
रास्ते के मंदिर में, हाथ जोड़ के जाना,
कोई गरीब दिख जाये तो दो रुपये देते जाना!
खाना परोस के परीक्षा का हाल पूछती है,
फिर मंदिर में अच्छे नंबरों की मन्नत मांग आती है,
तो ये सोच, आंखें नम, माँ तुम्हरी याद आती है !!
पिता की डांट का सिलसिला,
जब कम नहीं होता!
माँ का पिता को समझाना की,
डांटना कोई हल नहीं होता!
इस बार जरूर कुछ करके दिखायेगा,
अपने क्लास में अव्वल जरूर आएगा!
चुपके चुपके से कहीं रो भी आती है,
तो यह देख के माँ तुम्हारी याद आती है!!
कॉलेज के दिनों में मस्ती करके घरदेर से आना,
फिर कोई पुराना सा बहाना बनाना,
पिता से लड़ के, हर जिद चिंटू की पूरी कराती है,
अपने बचे चुराए पैसे बेटे को दे देती है!
हर गलती को माफ़ कर वो मुस्कुरातीहै
तो ऐसे में माँ तुम्हारी याद आती है
उम्र के साथ जिद की लिस्ट भी बढ़ती जाती है,
अपनी पसंद की शादी की जिद, अलग रहने की जिद,
विदेश जाने की जिद, अपनी तरह जीने की जिद,
चिंटू की दुनिया में, अब वो नहीं रहती,
माँ से बात करने की फुर्सत भी नहीं रहती,
बिना उफ़, बिना शिकायत, माँ !!माँ!!
बूढी माँ जब अंतिम सांसें गिनती है,
और बार-बार, चिंटू के पिता से कहती है!
अभी फ़ोन मत करना अमेरिका में दिन होगा,
चिंटू किसी मीटिंग के बीच होगा!!
चिंटू को खबर दे देना पर परेशान मत करना,
मुझे आग दे देना और तस्वीर ईमेल कर देना!!
इन अंतिम शब्दों से, जब दुनिया से जाती है,
हर पल माँ बस तुम्हारी याद आती है!! ये जान जाती है!
जहां रहो खुश रहो कहती जाती है,
यह सोच आंखें नम, मां तुम्हरी याद आती है!
Wednesday, April 10, 2013
एकाकीपन
एक
व्यक्ति अपने जीवन से बहुत निराश हो गया था। उसे ऐसा लगता था कि वह इतनी
बड़ी इस दुनियाँ में बिलकुल अकेला हैं। न तो कोई उसे चाहता हैं और न ही
प्यार करता हैं। वह किसी का प्यार पाने के काबिल भी नहीं हैं। यही
सोच-सोचकर वह हमेशा दुखी रहा करता था। बसंत के मौसम में सुंगंधित फूलों से
सारा वातावरण सुंदर व सुंगंधित हो रहा था, परंतु वह व्यक्ति अपने घर में
बंद ही रहा। एक दिन पड़ोस में रहने वाली लड़की अचानक उसके घर का द्वार खोलकर
अंदर आई। उस व्यक्ति को गुमसुम देखकर उसने पूछा- आप इतने उदास क्यों हैं?
वह व्यक्ति बोला- मुझे कोई प्यार नहीं करता। कोई मेरी परवाह नहीं करता। मैं
बिलकुल अकेला हूँ। लड़की ने कहा- यह तो बहुत दुख की बात हैं कि कोई आपको
प्यार नहीं करता, कोई आपकी परवाह नहीं करता। किन्तु यह तो बताइए कि आप
कितने लोगों को प्यार और उनकी परवाह करते हैं। उस व्यक्ति के पास इस बात का
कोई जवाब नहीं था। तब लड़की बोली -आप बाहर आइए और देखिए कि आपके द्वार पर
ही कितना प्यार हैं। आप प्यार चाहते हैं, तो इन फूलों से लीजिए। ये आपको
अटूट स्नेह करेंगे। बस बदले में आप भी थोड़ा सा इनका खयाल रखना,इन्हे थोड़ा
सा प्यार देना। लड़की की बातें सुनकर उस व्यक्ति के मन की गाँठे खुल गई। उसे
अपनी गलती का व सांसरिक नियम का अहसास हो गया। उसे पता चल गया कि बिना कुछ
भी दिए, पाने की अपेक्षा रखना मूर्खता हैं।
मित्रों, हम लोगों की भी
यही आदत हैं हम चाहते हैं कि सब हमें महत्व दे, सम्मान दे, प्रेम करें
परंतु स्वयं न तो किसी को महत्व देना चाहते हैं, न सम्मान देना और न प्रेम
करना। मित्रों, अधिकाधिक मेल-जोल और सारगर्भित संवाद प्रसन्नता को बढ़ावा
देते हैं जबकि इनका अभाव एकाकीपन व निराशा को जन्म देता हैं।
Tuesday, April 9, 2013
आज भी तुम्हारा इंतजार है,,,,,,,,,,,
आज भी तुम्हारा इंतजार है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
हजारो पल बीत गए
कितने मौसम गुजर गए
और न जाने कितने उस पर है
आज भी तुम्हारा इंतजार है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
जिन्दगी ने बहुत दौड़ाया
वक्त ने बहुत सिखाया
जीत से पहले ही हार है
आज भी तुम्हारा इंतजार है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
हर पल एक आस सी लगाये रहा
की तुम मिलने जरूर आओगे
न जाने कितनी बड़ी दीवार है
आज भी तुम्हारा इंतजार है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
दीदार को तरसती हैं आंखे
शायद तेरे लिए रुकी हैं सांसे
बिना तेरे जीना बेकार है
आज भी तुम्हारा इंतजार है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
हम उस जगह आज भी जाते हैं
आप उस समय बड़ा यद् आते हैं
साथ जीने के सपने हजार है
आज भी तुम्हारा इंतजार है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
कभी तो हमारी भी याद आती होगी
थोड़े ही सही पर कभी मिले तो थे
हमे आज भी तुमसे प्यार है
आज भी तुम्हारा इंतजार है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
Monday, April 8, 2013
Apana chehara talash karana hai
Ankh pyasi hai koi manzar de
Is jazire ko bhi samandar de
Apana chehara talash karana hai
Gar nahi aina to patthar de
Band kaliyon ko chahiye shabanam
In chiragon may roshani bhar de
Pattharon ke saron se karz utar
Is sadi ko koi payambar de
Kahkahon may guzar rahi hai hayat
Ab kisi din udas bhi kar de
Phir na kahana ke khudkhushi hai gunah
Aj fursat hai faisala kar de
Is jazire ko bhi samandar de
Apana chehara talash karana hai
Gar nahi aina to patthar de
Band kaliyon ko chahiye shabanam
In chiragon may roshani bhar de
Pattharon ke saron se karz utar
Is sadi ko koi payambar de
Kahkahon may guzar rahi hai hayat
Ab kisi din udas bhi kar de
Phir na kahana ke khudkhushi hai gunah
Aj fursat hai faisala kar de
लड़की वो होती है जो पार्टी में जाने से पहले-:
फेशियल,
ब्लीच,
वैक्सिंग,
हेयर कटिंग,
थ्रेडिंग
स्क्रबिंग करती है...
और फिर खूब सारा मेकअप करती है।
फिर परफ्यूम लगाती है।
अंगूठी, नेकलेस, अच्छी सी ड्रेस और सैंडल
पहनती है।
खूब छांट कर एक अच्छा सा पर्स लेकर
आती है...
फिर कहती है-
“अरे यार जल्दी की वजह से कुछ कर
ही नहीं पाई।”
अब अगर लड़के की बात करें तो –
लड़का वो होता है जो पार्टी में जाने से पहले
अपने दोस्त को फोन करता है और पूछता है-
“भाई तू नहा कर आएगा क्या ?”
दोस्त - “चल बे, तेरे बाप की बारात है क्या !!
Sunday, April 7, 2013
अग्नि-2
- भारत ने किया अग्नि-2 परमाणु मिसाइल का सफलपरीक्षण
बालासोर। भारत ने रक्षा क्षेत्र में सफलता की एक और सीढी को पार कर लिया। ओडिशा तट के व्हीलर द्वीप से रविवार को मध्यम दूरी तक मार करने वाली और परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम अग्नि-2 मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया। यह 2000 किलोमीटर से अधिक दूरी के लक्ष्य को भेदने में सक्षम है।
रक्षा सूत्रों ने बताया कि सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल को सुबह 10 बजकर20 मिनट पर एकीकृत परीक्षण केंद्र के प्रक्षेपण स्थल-4 से एक मोबाइल लांचर के जरिए दागी गई। सूत्रों ने कहा कि अग्नि-2 मिसाइल को पहले ही सेवाओं में शामिल किया जा चुका है और आज का परीक्षण सेना की सामरिक बल कमान ने प्रशिक्षण अभ्यास के रूप में किया। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने इसके लिए साजो सामान उपलब्ध कराया। उन्होंने कहा कि दो चरणों वाली यह मिसाइलउच्च कोटि की निर्देशन प्रणाली से लैस है।
डीआरडीओ के एक वैज्ञानिक ने कहा कि समूचे प्रक्षेपण पथ पर आधुनिक रडारों, दूरमापी निरीक्षण केंद्रों, इलेक्ट्रोऑप्टिक उपकरणों और समुद्र में प्रभाव स्थल के नजदीक स्थित जहाजों से नजर रखी गई।
20 मीटर लंबी अग्नि-2 मिसाइल दो चरण वाली ठोस प्रणोदक बैलिस्ट मिसाइल है। इसका प्रक्षेपण भार 17 टन हैऔर यह 2000 किलोमीटर की दूरी तक 1000 किलोग्राम तक की सामग्री ले जा सकती है।
अग्नि-2 डीआरडीओ द्वारा विकसित मिसाइलों की अग्नि सीरीज का हिस्सा है। अग्नि-1 मिसाइल 700 किलोमीटर की दूरी तक निशाना साध सकती है। अग्नि-3 3000 किलोमीटर, अग्नि-4 4000 किलोमीटर और अग्नि-5 5000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तक मार कर सकती है। इससे पहले अग्नि-2 का इसी परीक्षण स्थल से पिछले साल नौ अगस्त को परीक्षण किया गया था, जो पूरी तरह रहा था।
Subscribe to:
Comments (Atom)