अगर आप ये सोच रहे हैं कि भाजपा को ..पूर्ण
बहुमत विकास के नाम पर मिला है तो ...
आप ....कोल्हू में बैल की जगह ... कुत्ता जोत
रहे हैं।
अबकी बार के चुनाव में बहुसंख्यक जनता ने
हिंदुत्व के नाम पर वोट दिया है ।
किसी मोदी और विकास की लहर
नहीं थी...एक ही लहर थी..हिंदुत्व की.... ।
सहमत नहीं हैं....! आंय .. बांय मत बकियेगा...
सीधा सीधा .. तार्किक जवाब
हो तब ...दीजियेगा जवाब कि...
अगर विकास के मुद्दे पर चुनाव हुआ तो संसद
में ..... एक तिहाई सांसद आपराधिक
पृष्ठभूमि के क्यों हैं....?
अगर विकास मुद्दा था तो ...
मेधा पाटेकर... कामरेड वासुदेव आचार्य....
योगेन्द्र यादव ... जैसे ...जमीन से जुड़े ... धर्म
निरपेक्ष लोग... चुनाव क्यों हार गयें....?
अगर हिंदुत्व की बात
नहीं थी तो ...भाजपा के
ही नेता शाहनवाज हुसैन क्यों नहीं जीते...?
.
नोट : हिन्दुत्व एक रजानितिकविचार
धारा है जिसे 1923 में सावरकर ने अपने फायदे
के लिए और लोगो में फूट डालने के लिए
बनाया था जिसे भी थोड़ा भी शक़
हो वो ख़ुद गुगल में पढ़
ले ....विकिपिदिया में ही पूरी डिटेल
दी हुई ह
Wednesday, October 15, 2014
पूर्ण बहूमत
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