“मैं 29 साल की हूं और
मेरी शादी को केवल एक साल
ही हुआ है. मेरे पति और मैं परिवार
को बढ़ाने के बारे में सोच रहे हैं, लेकिन
ऐसा हो नहीं सकता”.
ब्रिटनी मेनार्ड नाम की यह
महिला ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित हैं. वह
मरना नहीं चाहती, इसके
बावजूद वह आत्महत्या के जरिए
अपनी जिंदगी को खत्म
करना चाहती हैं. उन्होंने
अपनी मौत की तारीख
01 नवंबर निश्चित कर रखी है.
अजीब सी लगने
वाली यह खबर आज विश्व में हर
किसी को हैरान कर रही है.
ब्रिटनी की स्टोरी बहुत
बड़ा बहस का मुद्दा बन चुका है. मुद्दा यह
कि क्या ‘मरने का अधिकार’
किसी मिलना चाहिए.
Read: वह 9 महीने तक अपने
पति की लाश के साथ रहकर उसके सड़ने
का इंतजार करती रही… यह
मजबूरी थी या पागलपन!!
दरअसल इस साल के शुरुआत में ब्रिटनी सिर में
हो रहे दर्द के लिए जब डॉक्टर से
मिली तब उसे पता चला की उसे
ब्रेन ट्यूमर है. उन्हें ग्लियोब्लासटोमा हुआ
था जो एक तरह का घातक ब्रेन कैंसर है. डॉक्टरों ने
कहा कि वह ज्यादा से ज्यादा दस साल तक
जीवित रह सकती हैं. लेकिन
तीन महीने के बाद
ही उनके सिर का दर्द और बढ़ने लगा और
उधर ट्यूमर भी लगातार
बढ़ता ही जा रहा था.
अपनी शरीर
की बढ़ती पीड़ाओं
को देखते हुए ब्रिटनी ने आखिरकार निर्णय
लिया कि उनके लिए मौत
को चुनना ही बेहतर विकल्प रहेगा.
उन्होंने कहा कि मेरे इस निर्णय का मेरे परिवार वालो ने
समर्थन किया है, हालांकि उन्हें समझाने में
काफी समय भी लगा.
यही नहीं, मेरे आसपास
रहने वाले लोग भी मेरे इस निर्णय
का समर्थन कर रहे हैं.
Thursday, October 16, 2014
अफसोसनाक
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment