शादी : शादी की आजादी : गे मेरिज :
लेस्बियन मेरिज : स्वतंत्रता का दुरूपयोग ?
व्यक्ति को स्वतंत्रता बहुत संघर्ष के बाद
मिली है . लेकिन अब वही व्यक्ति इस
स्वतंत्रता की हदों को भूल रहा है .
व्यक्ति स्वतंत्रता के नाम पर
बुद्धिजीविओं का एक वर्ग पूरी दुनिया में
हर किस्म की मानसिक
विकृतियों को बढावा दे रहा है . इस
विकृतियों से ग्रस्त एक व्यक्ति के आचरण
को उसकी आजादी करार
दिया जा रहा है .
यह बुद्धिजीविओं का वही वर्ग है
जो शादी को औरत
की गुलामी का दर्जा देता है /
बिना शादी किये बच्चे को जन्म देने
को औरत का अधिकार बताता है .
शादी का विरोधी है . विवाह
संस्था का विरोधी है . दूसरी ओर
यही वर्ग गे मेरिज और लेस्बियन मेरिज
का समर्थक है . आजादी के नाम पर
विकृतियों का समर्थन करने वाले इस वर्ग के
प्रभाव से अनेक देशो की सरकारों ने गे
मेरिज / लेस्बियन मेरिज
को क़ानूनी दर्जा दे दिया है . प्राकृतिक
शादी यानि आदमी -औरत के बीच
शादी का विरोध तथा उसे औरत
की आजादी का हनन बताना और
अप्राकृतिक शादी यानि आदमी -
आदमी के बीच व औरत - औरत के बीच
शादी को उनकी आजादी / अधिकार
बताया जाना दिखाता है कि ये
तथाकथित बुद्धिजीवी इंसान के
प्राकृतिक / स्वाभाविक जीवन के घोर
विरोधी हैं . व्यक्ति के संतान प्राप्ति के
सुख के विरोधी है .
आदमी / औरत के बीच शादी एक प्राकृतिक
व्यवस्था पर आधारित है . इस शादी के
अलावा अन्य किसी प्रकार
की शादी प्रकृति के विरुद्ध है . फिर
जो प्रकृति के विरुद्ध है वह हर हाल में एक
विकृति है . एक विकृति को आजादी /
अधिकार का नाम देना भी एक वैचारिक
विकृति है . दुनिया भर में समाज को इस
विकृत विचार से सावधान होना चाहिए .
प्रकृति के अनुसार जीवन यापन इंसान के
लिए सही रास्ता है .
दुनिया के बहुत से संतानहीन लोग किराये
की कोख से संतान पाने के लिए
बेतहाशा धन खर्च कर रहे है . संतान
भी जीवन का एक सुख है . और ये विकृत
विचार वाले लोग इंसान से उसका सुख छीन
लेने का इरादा किये बैठे हैं . ये वर्ग
भी इंसान के सबसे बड़े दुश्मनों में से एक है .
Wednesday, October 15, 2014
आजा़दी का अर्थ
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