Sunday, May 31, 2020

नेहरूजी

9 साल से ज़्यादा अंग्रेजी जेलों में तप के निकला महात्मा गांधी का वह चेला पंडित जवाहरलाल जी नेहरू, जिसने आज़ादी के बाद देश की कमान संभाली❗
▪नेहरू : 
जिसे उसकी पत्नी के टीबी से मर रहे होने की खबर पर भी अंग्रेजों ने जेल से रिहा नहीं किया और यह सुन के तब विएना में मौजूद नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने स्विट्ज़रलैंड में कमला नेहरू का इलाज करवाया....।
▪नेहरू : 
नेताजी बोस ने अपनी आज़ाद हिन्द फौज की चार ब्रिगेडों में एक जिसके नाम पर रखा, वह भी अरसे पहले कांग्रेस छोड़ चुके होने के बावजूद.....। 
▪नेहरू : 
जिसने अंग्रेजों से लुटे भारत में बांध बनवाये, सड़कें बनवाईं, फैक्ट्रियां बनवाईं और जल्द ही भारत को विश्व की बड़ी शक्तियों में से एक बनाया। ऐसी शक्ति जो फ़्रांस-वियतनाम युद्ध में संयुक्त राष्ट्र संघ की तरफ से युद्ध विराम की निगरानी करती थी......! 
▪नेहरू : 
जिसने किसी बात पर अंग्रेजों के 200 साल तक देश लूटने का बहाना नहीं बनाया । जहाँ भी असफल हुआ ज़िम्मेदारी खुद पर ली...। 
▪नेहरू : 
जिसने पुर्तगालियों से गोवा और उसके भी पहले पाकिस्तान में शामिल हो गए जूनागढ़ को सैन्य कार्रवाई कर वापस जोड़ा और हैदराबाद भी बचाया....।
▪नेहरू : 
जिसने सरदार पटेल के पूरा कश्मीर पाकिस्तान को दे देने पर सहमति से इंकार किया और अंत समय तक आज़ादी/पाकिस्तान में शामिल होने के ख्वाब देख रहे महाराजा हरी सिंह के बावजूद कश्मीर बचाया....।
▪नेहरू : 
जो इन सब कुछ के बावजूद कभी महामानव नहीं बना । जिसने गलतियां कीं और मानीं । जिसने पंचशील के सिद्धांत के बाद चीन का धोखा भी देखा । जिसके भारत के नए मंदिरों, माने बांधों की वजह से करोड़ों आदिवासी विस्थापित हुए । जिसकी अति लोकतांत्रिकता ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसों को अपनी कैबिनेट में जगह दी, बावजूद इसके कि मुखर्जी भारत छोड़ो आंदोलन के वक़्त मुस्लिम लीग के साथ बंगाल में साझा सरकार चला रहे थे....। 
▪नेहरू : 
वे जिनके निधन पर अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि भारत माँ ने अपना सबसे प्यारा लाल खो दिया है, सूरज ढल चुका है, अब तीन मूर्ति मार्ग (तत्कालीन प्रधानमंत्री आवास) में इस तरह का आदमी कभी नहीं आएगा । "आज भारत माता दुखी हैं, उन्होंने अपने सबसे कीमती सपूत खो दिया । मानवता आज दुखी है, उसने अपना सेवक खो दिया । शांति बेचैन है, उसने अपना संरक्षक खो दिया । आम आदमी ने अपनी आंखों की रौशनी खो दी है, पर्दा नीचे गिर गया है । मुख्य किरदार ने दुनिया के रंगमंच से अपनी आखिरी विदाई ले ली है" ! ! 
(गूगल करें वाजपेयी जी का पूरा शोक सन्देश पढ़ने के लिए, समझ आएगा कि आज के मसीहा दरअसल कितने झूठे हैं,  नीच भी)

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