Wednesday, May 8, 2013

wwah ri sarkaar wahh

....तो पाकिस्तान को जम्मू-कश्मीर क्यों नहीं सौंप देते: AGP

क्या जम्मू-कश्मीर पाकिस्तान को सौंप देना चाहिए? यह सवाल मंगलवार को संसद भवन में असम के कुछ सांसदों ने उठाया। बांग्लादेश को भारतीय भूभाग दिए जाने से नाराज असम गण परिषद (एजीपी) के एक सांसद ने कहा कि अगर सरकार बांग्लादेश को जमीन दे रही है तो, उसे पाकिस्तान को जम्मू-कश्मीर सौंप देना चाहिए।

भारतीय भूभाग दिए जाने वाले बिल का विरोध करते हुए एजीपी ने कहा कि इससे राज्य में अलगाववादी आंदोलन शुरू हो सकता है जो देश के हित में नहीं है। एजीपी के सांसद कुमार दीपक दास ने संसद भवन कैंपस में संवाददाताओं से कहा, 'अगर सरकार बांग्लादेश को जमीन दे रही है तो, उसे पाकिस्तान को भी जम्मू-कश्मीर दे देना चाहिए। जब आप जम्मू-कश्मीर पाकिस्तान को नहीं सौंप रहे हैं तो, असम में ऐसा क्यों?'

बिल फाड़ने की कोशिश
राज्यसभा में उस समय नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला जब विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद भारत और बांग्लादेश के बीच हुए समझौते से संबंधित एक बिल सदन के पटल पर रखने को खड़े हुए और एजीपी सांसदों ने उनसे उसकी प्रति छीनने की कोशिश की।

दोपहर 12 बजे जब सदन की बैठक शुरू हुई तो प्रधानमंत्री, कानून मंत्री और रेल मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सदस्यों के हंगामे के बीच उपसभापति पी. जे. कुरियन ने संविधान संशोधन (119वां संशोधन) बिल पेश करने के लिए विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद का नाम पुकारा।

बिल का विरोध करते हुए एजीपी के सांसद वीरेंद्र प्रसाद वैश्य और कुमार दीपक दास अपने हाथों में कोई कागज लहराते हुए विदेश मंत्री की ओर बढ़े और उनके काफी नजदीक पहुंच गए। राजीव शुक्ला सहित कांग्रेस के कई अन्य सदस्यों ने एजीपी के दोनों सांसदों को विदेश मंत्री के पास तक पहुंचने से रोक दिया। इस दौरान खुर्शीद बिल सदन में पेश किए जाने की प्रक्रिया पूरी किए बिना ही अपनी सीट पर बैठ गए और इसी हंगामे में कुरियन ने सदन की बैठक दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

खुर्शीद जो बिल पेश करने जा रहे थे वह भारत द्वारा कुछ क्षेत्रों का अधिग्रहण और कुछ क्षेत्रों का बांग्लादेश को स्थानांतरण किए जाने से जुड़ा हुआ था। इसको लेकर दोनों देशों के बीच बहुत पहले समझौता हो चुका है।

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