उस बंदर की वजह से सर्कस बड़ा फेमस था।
एक दिन वो बंदर मर गया, सर्कस मालिक को बड़ी चिंता हुई कि अगर ये बात बाहर पता चली तो सर्कस का सम्मान घट जायेगा
उसने चुपचाप बंदर को दफना दिया और एक बेरोजगार दुबले पतले युवा को कहा कि वो बंदर की खाल पहन कर करतब दिखाए अच्छे पैसे मिलेंगे
वो राजी हो गया, और करतब दिखाने लगा ।
दर्शकों की रुचि को ध्यान में रखकर और अच्छा प्रर्दशन करने लगा
अब तो सर्कस और ज्यादा मशहूर हो गया हर शो फुल जाता था।
एक दिन हुवा यूं कि वो बंदर रस्सी पर गुलाटियां लेते हुए करतब दिखा रहा था अचानक रस्सी छूट गयी और वो बद्द से उपर से खुले शेर के पिंजड़े में जा टपका एकदम शेर के सामने!
उसकी हालत खराब, वो बचाओ! बचाओ! चिल्लाने ही वाला था
कि शेर ने उसके मुंह पर हाथ रखा और कान में बोला- ".
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अबे चुप! मेरी भी नौकरी खायेगा क्या?".
एक दिन वो बंदर मर गया, सर्कस मालिक को बड़ी चिंता हुई कि अगर ये बात बाहर पता चली तो सर्कस का सम्मान घट जायेगा
उसने चुपचाप बंदर को दफना दिया और एक बेरोजगार दुबले पतले युवा को कहा कि वो बंदर की खाल पहन कर करतब दिखाए अच्छे पैसे मिलेंगे
वो राजी हो गया, और करतब दिखाने लगा ।
दर्शकों की रुचि को ध्यान में रखकर और अच्छा प्रर्दशन करने लगा
अब तो सर्कस और ज्यादा मशहूर हो गया हर शो फुल जाता था।
एक दिन हुवा यूं कि वो बंदर रस्सी पर गुलाटियां लेते हुए करतब दिखा रहा था अचानक रस्सी छूट गयी और वो बद्द से उपर से खुले शेर के पिंजड़े में जा टपका एकदम शेर के सामने!
उसकी हालत खराब, वो बचाओ! बचाओ! चिल्लाने ही वाला था
कि शेर ने उसके मुंह पर हाथ रखा और कान में बोला- ".
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अबे चुप! मेरी भी नौकरी खायेगा क्या?".
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