Friday, September 13, 2013

सकारात्मक

अपनाएं खुश रहने के कुछ टिप्स...
हरदम खुश रहें.
खुशी मन की एक अवस्था का नाम है। इस
भागती-दौड़ती जिंदगी में हर कोई खुश
रहना चाहता है, पर रह नहीं पाता है।
इसका कारण यह है कि हर कोई काम के दबाव से
दो-चार है। रही-सही कसर अन्य घरेलू काम
पूरा कर देते हैं। बच्चों की-सी खुशी अब दुर्लभ
प्रतीत होती है। खेलते बच्चों का चिल्ला कर
खुशी का इजहार करना अब बहुत कम देखने
को मिलता है, क्योंकि आजकल के बच्चे पढ़ाई के
बोझ-तले दबे हुए हैं। उन्हें इतना होमवर्क
मिलता है कि वे चाह कर भी अधिक खेल और
खुशी का इजहार नहीं कर पाते हैं।
हमेशा सकारात्मक सोचें :- खुश रहने के लिए हमें
चाहिए कि हम हमेशा सकारात्मक ही सोचें।
नकारात्मकता से मन व शरीर पर विपरीत प्रभाव
पड़ता है। यह हो गया तो क्या होगा?
वो हो गया तो क्या होगा? आदि-आदि अनेक
प्रकार के नकारात्मक विचारों को झिड़क दें।
इससे कुछ भी हासिल नहीं होने वाला है सिवाय
तनाव के।
हंसमुख रहें : - हमेशा हंसते-मुस्कुराते रहें। उदास
व गमगीन चेहरा किसी को भी नहीं लुभाता है।
हंसमुख व्यक्ति के आसपास सदा सभी लोग
मंडराते रहते हैं, जबकि दुखी या निराश
व्यक्ति से लगभग सभी लोग किनारा कर लेते हैं।
इसलिए व्यक्ति को हर परिस्थिति में मुस्कुराते
रहना चाहिए।
चार्ली चैप्लिन से प्रेरणा लें :- मशहूर ब्रिटिश
हास्य कलाकार चार्ली चैप्लिन के निजी जीवन
को अगर हम देखें तो पाएंगे कि वे काफी दुखी,
निराश एवं एक हद तक गरीब व्यक्ति थे।
बावजूद इसके, उन्होंने अपने निजी जीवन
को कभी भी चेहरे व पर्दे पर प्रकट नहीं होने
दिया।
उनकी एक प्रेमिका ने उनको सिर्फ इसलिए छोड़
दिया, क्योंकि उनके पास धन का अभाव था,
यानी वे 'गरीब' कलाकार थे। इस पर उन्होंने
सोचा था कि प्रेमिका भी उसी के पास होती है
जिसके पास धन होता है। इसका उन्हें
गहरा सदमा लगा था।
इसके बाद भी उन्होंने अपने निजी जीवन को अपने
ऊपर हावी नहीं होने दिया तथा अपनी कला के
माध्यम से ‍ब्रिटेन ही नहीं,
सारी दुनिया को हंसाया और आज
भी ‍‍‍फिल्मी पर्दे के माध्यम से हंसा रहे हैं। उनके
जैसा हंसोड़ कलाकार अब कहां? तो यह है
परिस्थितियों से पार पाने का तरीका।
परिस्थितियां आती-जाती हैं : - हर व्यक्ति के
जीवन में उतार-चढ़ाव आते-जाते रहते हैं। इनसे
निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि अपना मनोबल
मजबूत कर उससे लोहा लेने के लिए भिड़
जाना चाहिए। अगर हम महापुरुषों की जीवनी पढ़ें
तो पाएंगे कि उनके जीवन में कई विषम
परिस्थितियां आईं किंतु उन्होंने हार
नहीं मानी और परिस्थितियों को अपने पक्ष में
कर लिया।
उन्होंने परिस्थितियों का डटकर
मुकाबला किया तथा हमेशा मुस्कुराते रहें।
कभी भी उनका उदास चेहरा हमने नहीं देखा।
गांधीजी व नेहरूजी का तो हमने
मुस्कुराता चेहरा ही देखा है, कभी भी उदास
या गमगीन नहीं।
खिलखिलाओ और जोर से हंसो :- चाहे
कैसी भी परिस्थिति हो, इंसान
को हमेशा मुस्कुराते रहना चाहिए। खिलखिलाने से
मनुष्य का तनाव कम होता है तथा वह चिंतामुक्त
होता है और शरीर से सकारात्मक
रसायनों का स्राव होता है। मनोचिकित्सक
भी कहते हैं कि हमेशा हंसते-मुस्कुराते रहने
वाला व्यक्ति जीवन-पथ पर
हमेशा अग्रणी रहता है तथा वह अन्य के मुकाबले
जुझारू होता है।
इस प्रकार की छोटी-बड़ी बातों को ध्यान में
रखकर हम भी खुश रह सकते हैं तथा जीवन
को उमंग उत्साह से भरपूर कर सकते हैं। तो आप
भी आज और अभी से खिलखिलाना शुरू कर
दीजिए तथा दूसरों को भी खिलखिलाइए।

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