महानायक अमिताभ बच्चन ने दिल्ली दुष्कर्म
पीड़िता को अपनी श्रद्धांजलि स्वरुप यह
कविता लिखी----------- --
==========================
माँ बहुत दर्द सह कर।
बहुत दर्द दे कर..
तुझसे कुछ कह कर मैं जा रही हूँ........
आज मेरी विदाई में जब सखियाँ मिलने
आएँगी...
सफ़ेद जोड़े में लिपटी देख सिसक सिसक मर
जाएँगी...
लड़की होने का खुद पे फिर वो अफ़सोस
जताएंगी.....
माँ तू उनसे इतना कह
देना दरिंदो की दुनिया में संभल कर
रहना.......... .....
माँ राखी पर जब भैया की कलाई सूनी रह
जाएगी..
याद मुझे कर कर जब उनकी आँख भर
आयेगी....
तिलक माथे पर करने को माँ रूह मेरी भी मचल
जाएगी...
माँ तू भैया को रोने न देना...
मैं साथ हूँ हर पल उनसे कह देना....... ... ..
माँ पापा भी छुप छुप बहुत रोएंगे ...
मैं कुछ न कर पाया ये कह के खुद
को कोसेंगे....
माँ दर्द उन्हें ये होने न देना..
इलज़ाम कोई लेने न देना...
वो अभिमान है मेरा सम्मान है मेरा..
तू उनसे इतना कह देना........
माँ तेरे लिए अब क्या कहूँ
दर्द को तेरे शब्दों में कैसे बाँधू ...
फिर से जीने का मौका कैसे मांगू......
माँ लोग तुझे सतायेंगे....
मुझे आजादी देने का तुझपे इलज़ाम लगायेंगे....
माँ सब सह लेना पर ये न कहना ---
"अगले जनम मोहे बिटिया न देना"
"अगले जनम मोहे बिटिया न देना"
पीड़िता को अपनी श्रद्धांजलि स्वरुप यह
कविता लिखी----------- --
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माँ बहुत दर्द सह कर।
बहुत दर्द दे कर..
तुझसे कुछ कह कर मैं जा रही हूँ........
आज मेरी विदाई में जब सखियाँ मिलने
आएँगी...
सफ़ेद जोड़े में लिपटी देख सिसक सिसक मर
जाएँगी...
लड़की होने का खुद पे फिर वो अफ़सोस
जताएंगी.....
माँ तू उनसे इतना कह
देना दरिंदो की दुनिया में संभल कर
रहना.......... .....
माँ राखी पर जब भैया की कलाई सूनी रह
जाएगी..
याद मुझे कर कर जब उनकी आँख भर
आयेगी....
तिलक माथे पर करने को माँ रूह मेरी भी मचल
जाएगी...
माँ तू भैया को रोने न देना...
मैं साथ हूँ हर पल उनसे कह देना....... ... ..
माँ पापा भी छुप छुप बहुत रोएंगे ...
मैं कुछ न कर पाया ये कह के खुद
को कोसेंगे....
माँ दर्द उन्हें ये होने न देना..
इलज़ाम कोई लेने न देना...
वो अभिमान है मेरा सम्मान है मेरा..
तू उनसे इतना कह देना........
माँ तेरे लिए अब क्या कहूँ
दर्द को तेरे शब्दों में कैसे बाँधू ...
फिर से जीने का मौका कैसे मांगू......
माँ लोग तुझे सतायेंगे....
मुझे आजादी देने का तुझपे इलज़ाम लगायेंगे....
माँ सब सह लेना पर ये न कहना ---
"अगले जनम मोहे बिटिया न देना"
"अगले जनम मोहे बिटिया न देना"
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