Tuesday, September 24, 2013

आतंकवाद क्या है

कहीं भी कोईं बम विस्फोट होता है तो आतंकवाद पर बहस छिड़ जाती है ये बहस गली मोहल्लों शहर की पान की दुकानों, चाय की दुकानों रेल में बस में सफर करने वाले डेली पेसेंजरों से शुरु होकर बड़े – बड़े मीडिया हाऊस के पैनल डिसक्सन तक पहुंच जाती है। लेकिन आतंकवाद क्या है उसकी परिभाषा क्या है ? उसका जनक कौह है ? ये कहीं सुनने को नहीं मिला और न ही कोई सटीक परिभाषा गढ़ी गई जिससे आतंकवाद को परिभाषित किया जा सके अगर 9/11 को ही आतंकवाद माना जाता है है तो नागाशाकी और हिरोशिमा की जमीन को बंजर बनाने वाला परमाणू हमला क्या था ? सम्राट अशोक द्वारा किया गया कलिंग का संहार क्या था ? अंग्रेजों द्वारा किया गया जलियां वाला बाग क्या था ? पवन पुत्र हनुमान जी द्वारा सोने की लंका को जला देना क्या था ? अमेरिका में जो हमला होता है तो वह आतंकी करते हैं मगर जब अमेरिका द्वारा ईराक, अफ्गानिस्तान, पाकिस्तान में ड्रोन हमले किये जाते हैं वह क्या है ? क्या वह आतंकवाद नहीं है ? फिस्तीनियों का इजरईल द्वारा किया गया नरसंहार क्या है ? 1983 में असम के नेली में किया गया 5000 बंग्लादेशिय़ों का संहार क्या था ? 1984 में दिल्ली में सिक्खों में का नरसंहार क्या था ? क्या वह आतंकवाद नहीं था ? 1987 में मेरठ के मलियाना हाशिमपुरा में पीएसी के द्वारा किया गया अल्पसंख्कों का कत्ल ऐ आम क्या था ? 1993 में मुंबई में शिवसेना के कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया 1100 अल्पसंख्यकों का कत्ल ओ गारत क्या था ? क्या वह आतंकवाद नहीं था ? उसके बाद 2002 में भारत के कथित विकसित राज्य में जो हुआ क्या वह आतंकवाद नहीं था ? उसके बाद असम में, फारबिसगंज में, मुजफ्फरनगर में, महाराषट्रा के धूले में पश्चिमी यूपी के मसूरी में होने वाली घटनाओं को आप कौनसे चश्में से देखते हैं ? अगर निर्दोषों को ही मारना ही आतंकवाद है तो क्या उपरोक्त घटनाओं में मरने वाले निर्दोष नहीं थे ? अगर दिल्ली, मुंबई, समझोता एक्सप्रेस, अजमेर, हैदराबाद, बंग्लूरू अमेरिका, केनिया, इंग्लेंड आदी स्थानों पर बम विस्फोट करना ही आतंकवाद है तो फिर उपरोक्त घटनाओं को आप क्या नाम देंगे ? क्या ये आतंकवाद नहीं है ? क्या इन घटनाओं में मरने वाले निर्दोष नहीं थे ? बगदाद की सड़कों पर बहते हुऐ खून को, सीरिया में कैमिकल हमले में कतार लगाकर मारे गये लोगों के खून को किस घटना से जोड़ेंगे क्या वह आतंकवाद नहीं है ? अफसोस ये सब आतंकवाद है मगर हम और हमारे बुद्धीजीवी आतंकवाद की उसी परिभाषा को मानते हैं जिसे अमेरिका मानता है। 

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