Thursday, October 25, 2018

किसका बच्चा

ऑपरेशन थेयेटर से बाहिर निकलते ही ...डॉक्टर ने मुझे बड़ी घूर के देखा और बोले तुम्ही पेशेंट के हसबैंड हो ?

मैनें तुरन्त मोबाइल गैलेरी में जाकर अपनी और शायरा की निकाह वाली फोटो निकाली ... डॉक्टर साहब को दिखाने के लिए

बिना देखे बोले - अरे इसकी कोई जरूरत नही मैं तो बस कन्फर्म कर रहा था ....
खैर छोड़ो मुबारक हो  तुम एक स्वस्थ्य बेटे के पिता बने हो !
Congratulation Dear .

हम झट से पायजामे से बाहर होकर बोले  संकोच और भय से डॉक्टर साहब से पूछ ही बैठे !

" हे हे हे हमपें तो नही गया न डॉक्टर साहब ..?"

डॉक्टर सर पर हाथ रखते हुए बोले ..यार इसी लिए मैंने आपसे कन्फर्म किया कि तुम कौन हो ....

दरअसल यार समझ में मेरी भी नही आता कि आखिर ये कैसे हो सकता है ...?

मैंने डर से कांपते हुए पूछा डॉक्टर साहब आखिर बात क्या है ...?

बोले यार बच्चा न तुम पर गया है न तुम्हारी बीवी पर बल्कि बच्चा तो टोटली यूरोपियन पैदा हुआ है बिल्कुल अंग्रेज सा  ...!

बस न इससे बड़ा जोक कभी सुना न इससे बड़ी गाली ।

तुरन्त फूलपुर वाले ताऊ को फोन लगाया ...

" क्यूँ बे ताऊ ...दिखा दी अपनी औकात ..ले लिया जमीन का बदला ...अबे अंग्रेज की जूठन हमारे गले पड़वा दी बे !

ताऊ ने भी तीन चचा की और दो बाप की गाली देकर फ़ोन स्विच ऑफ़ कर दिया ...

तुरन्त रिक्शा पकड़ा और शबनम चच्ची के घर का दरवाजा पीटा ...
दरवाजा खुलते ही ...

" अबे चच्ची रिश्ता खतम करने आये है यहाँ ..तुम से ऐसी उम्मीद न थी तुमने तो कहा था लौंडिया बड़ी अल्लाह वाली है ...लेकिन ये न बताया कि अंग्रेजी शौक रखती  है ...

चच्ची कुछ बोलती इससे पहले  हमने दरवाजे पर खड़े रिक्शे वाले से बोला ..
" अबे शराफत नगर ले चलो ...रिक्शे से उतरते ही गार्डनिंग कर रहे ससुर के सामने खड़ा हो गया

" अबे शायरा के अब्बा अब मत सोचियो पापा बोलूँगा ..और नाम बदल दो बे अपने मुहल्ले का घण्टे का शराफ़त नगर है ये ....और तुम क्या अंडे गिन रही हो लौंडिया की अम्मी ...अबे तुम तो कहती थी या तो तुम्हारी लौंडिया को फलक का चाँद पसन्द है या हम यानि जुनैद ....ये न बताया कि साला यूरोप भी पसन्द है लौंडिया को ।

रुके न एक पल ...अब रिक्शे से जम्प ली ...
" क्यूँ बे कहाँ भाग रहे हो बे दलाल ...बड़े मियां कहे अब मेरा रामपुरी तुम्हे ...अबे तुमने ही लौंडिया की फोटो दिखाई थी हरामखोर देखना कब्र के कीड़े खायेंगे तुझे ..."

रिक्शे में बैठे - बैठे नसीम खाला पुदीना खरीदती दिखी ...झट से उतरे और ख़ौल के बोले .

".यहाँ पुदीना खरीद रही हो खाला और हमारे खेत में लन्दन का धनिया बो दिया ...तुमने ही कहा था शायरा नही तुम्हे गुलाब मिल रहा है ...खबरदार हमारे घर की देहलीज न चड़ियो"

फिर चढे रिक्शे मैं ...और दाब लिया काजी को ...

" कसम खुदा की एक खून माफ़ होता तो ईमान से तुम्हारा गला उस्तरे से उतार देते आज ...निकाह के वक्त तुम्ही बोले थे शरीफ है लौंडिया तभी कबूल है बोलने में शरम कर रही है ....

रिक्शे से ही फोन किया अपने वालिद की और कहा फोन स्पीकर में लो ।

" अब्बा बोले अरे जुनैद बेटा कहाँ हो .हम कबसे तुम्हारा हस्पताल में तुम्हारा इंतेजार कर रहें हैं...बेटा मुबारक हो तुम बेटे के बाप बने हो "

फिर हम गरजे ।

" ये मुबारकबाद घुसेड़ो अपने हुक्के की कटोरी में ...अबे सुन लियो बे घर वालों बताई दे रिया हूँ तुम सब से आज के बाद मेरा कोई ताल्लुक नही ...तुम सब ने मेरे दुबई होने पर मेरा रिश्ता फिट कराया था न ...अबे तुम अब अग्रेज पोता खिला लियो मैं खुद्दार कुत्ते का पिल्ला पाल लूँगा लेकिन अंग्रेज का न पालूँगा ....

अगला घर ढूंढ ही रिया था ..तभी रिक्शे वाला बोला ...अबे भाईजान अब न चले मुझसे ...पैर दुःख  गए है... मेरा हिसाब करो और कोई दूसरा रिक्शा पकड़ो ..

हाँ तो बोल न कितने हुए ?

किरोड़ीमल हस्पताल से यहाँ तक कुल मिलाकर 320 रुपए ....।

अबे किरोड़ीमल नही छगनलाल से बोल ।

एक ही बात है साहब दोनों सटे हुए है ...?

अबे तो क्या मैं किरोड़ीमल से बाहर निकला ...अबे मेरी लुगाई तो छगनलाल में एडमिट है बे ......

सब फ्लेक बैश में समझ में आ गया ....मैं जल्दीबाजी में किरोड़ीमल में इंट्री कर बैठा और जाते ही ऑपरेशन थियेटर के आगे बैठ गया ....

अपने सूतियापे पे शर्मिंदा होने की जगह मैं अब  ये सोच रहा था ...कि यार जबलपुर की दूर की भाभी ही बची थी जब आखिर में सबसे सॉरी बोलना ही है तो क्यूँ न इससे भी पूछ ही लूँ कि

"क्यूँ री  तू तो कहती कि मैं कभी बाप बन ही नही सकता ........?नवाजिश
#जुनैद.........

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