Sunday, September 18, 2016

हप्पुसिंह

हप्पुसिंह – डाक्टर साब हमाओ इलाज कर देओडॉक्टर – तुम्हारा ये हाल कैसे हुआ?हप्पुजी– छत पे धरी थी 500 ईँटे, सब नेंचे ल्याने थी,ऐसे 5-10 करके ल्याते तो परेशान हो जाते ।सो हमने एक उपाय सोचो ।छत पे धरी हती एक टंकी,टंकी मे भर दई 500 ईँटे,फिर एक रस्सा बांद दओऔर कुन्दा मे फँसाकें रस्सा नेंचे लटका दओ ।हमने नेंचे जाके रस्सा पकडोसो टंकी नेंचे लटकगई ।अब टंकी 500 किलो कीऔर हम धरे 50 किलो केसो टंकी सरसरात नेंचे आ रई और हम सरसरात ऊपरजा रए।कुंदा से सर फूट गओटंकी जैसई नेंचे गिरीसो उको तल्ला खुल गओऔरसब ईँटे बाहर कड़ गई।अब टंकी बची 25 किलो कीऔर हम हते 50 किलो के,सो हम सरसरात नेंचे आ रएऔर टंकी सरसरात ऊपरजा रई।हम जैसई गिरे ईटो के ढेर पेसो हमाई करहाई टूट गई।औरहमाए हाथ से रस्सा छूट गओअब रस्सा सरसरात ऊपर जा रओऔर टंकी सरसरात नेंचेआ रईऔर गिरी हमाई मूड़ पे,सो हमाई खपड़िया फूटगई।बडी बिटम्मना हैअब तुमई अच्छो इलाज करो डाक्टर साब ।डॉक्टर साहब बेहोश..

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